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  • Mar 18 2019 5:51PM
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व्यापार घाटे में कमी की वजह से सेंसेक्स-निफ्टी में लगातार छठे दिन तेजी जारी

व्यापार घाटे में कमी की वजह से सेंसेक्स-निफ्टी में लगातार छठे दिन तेजी जारी

मुंबई : व्यापार घाटे में कमी आने की वजह से देश के शेयर बाजारों में सोमवार को लगातार छठे कारोबारी सत्र में तेजी का सिलसिला जारी रहा. सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच विदेशी कोषों का निवेश बढ़ने तथा व्यापार घाटा कम होने से बाजार में तेजी रही. बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स कारोबार के दौरान 38,369.59 अंक के उच्चस्तर तक पहुंचा.

हालांकि, निवेशकों की ओर से लाभ वाले शेयरों में मुनाफा वसूली की वजह से सेंसेक्स 37,952.10 अंक के नकारात्मक दायरे में भी आया. अंत में सेंसेक्स 70.75 अंक या 0.19 फीसदी की बढ़त के साथ 38,095.07 अंक पर बंद हुआ. इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 35.35 अंक या 0.31 फीसदी की बढ़त के साथ 11,462.20 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान इसने 11,530.15 अंक का उच्चस्तर तथा 11,412.50 अंक का निचला स्तर छुआ.

सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फाइनेंस में सबसे अधिक 2.84 फीसदी का लाभ रहा. अन्य कंपनियों में पावरग्रिड, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील, कोटक बैंक, इंडसइंड बैंक, टाटा मोटर्स, एनटीपीसी, एचडीएफसी बैंक, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, आईटीसी, सनफार्मा तथा यस बैंक के शेयर 2.29 फीसदी तक चढ़ गया. वहीं, मारुति सुजुकी, हीरो मोटोकॉर्प, भारती एयरटेल, एचसीएल टेक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एलएंडटी, इन्फोसिस, वेदांता लिमिटेड, बजाज ऑटो, टीसीएस, एचडीएफसी, ओएनजीसी, कोल इंडिया और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर 2.56 फीसदी तक टूट गये.

सैंक्टम वेल्थ मैनेजमेंट के मुख्य निवेश अधिकारी सुनील शर्मा ने कहा कि अक्टूबर, 2018 से निफ्टी 15 फीसदी या 1,500 अंक चढ़ चुका है. बाजार का आंतरिक आधार 2017 के बाद से सबसे अच्छी स्थिति में है. इस बीच, शेयर बाजारों के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 4,323.49 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 2,130.36 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.

बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि व्यापार घाटा कम होने तथा विदेशी कोषों के सतत प्रवाह से बाजार धारणा को बल मिला. वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में निर्यात 2.44 फीसदी बढ़ा. इस महीने के दौरान सोने और पेट्रोलियम उत्पादों के आयात में गिरावट आयी. इससे देश का व्यापार घाटा कम होकर 9.6 अरब डॉलर पर आ गया. अंतर बैंक विदेशी विनिमय बाजार में कारोबार के दौरान रुपया 54 पैसे की बढ़त के साथ 68.56 प्रति डॉलर पर चल रहा था.

वैश्विक स्तर पर ब्रेंट कच्चा तेल 0.15 फीसदी टूटकर 67.06 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. अन्य एशियाई बाजारों में शंघाई कंपोजिट 2.47 फीसदी चढ़ गया. हांगकांग का हैंगसेंग 1.37 फीसदी, जापान का निक्की 0.62 फीसदी तथा स्ट्रैट टाइम्स 0.40 फीसदी चढ़ गया. शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजारों में मिलाजुला रुख था.

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