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  • Jan 19 2019 4:25PM

NSEL घोटाले में पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी गिरफ्तार, 5600 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप

NSEL घोटाले में पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी गिरफ्तार, 5600 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप

मुंबई : नेशनल स्पाॅट एक्सचेंज लिमिटेड (एनएसईएल) के पूर्व वित्त अधिकारी (सीएफओ) शशिधर कोटियान को एक्सचेंज में भारी घोटाले की जांच के सिलसिले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध जांच शाखा ने गिरफ्तार कर रिमांड पर ले लिया है. जिंसों का बाजार चलाने वाले एनएसईएल में जुलाई 2013 में कथित घोटाला सामने आया था. इसमें कुल 5,600 करोड़ रूपये की गड़बड़ी किये जाने के आरोप हैं.

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पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि कोटियान को शुक्रवार को एक अदालत में पेश किया. अदालत की अनुमति से कोटियान 28 जनवरी तक पुलिस की हिरासत में रहेंगे. आर्थिक अपराध शाखा ने अदालत में रिमांड की अर्जी पर सुनवाई के दौरान कहा कि उसे नेशनल स्पाॅट एक्सचेंज के इस पूर्व अधिकारी के खिलाफ कुछ नये सबूत मिले हैं, जिनके संदर्भ में पुलिस उनसे पूछताछ करना चाहती है. उद्यमी जिग्नेश शाह की कंपनी 63 मून्स टेक्नोलाॅजीज द्वारा प्रवर्तित इस एक्सचेंज में कथित गोरखधंधे से पर्दा उठा, तो पता चला कि निवेशकों ने इस एक्सचेंज के जरिये जिन जिंसों के लिए पैसा लगाया था, वे वास्तव में खरीदी ही नहीं गयी थीं.

63 मून्स टेक्नोलाॅजीज पहले फाइनेंशियल टेक्नोलाॅजीज नाम से जानी जाती थी. इसमें शाह 45 फीसदी के हिस्सेदार हैं. 31 जुलाई, 2013 को यह एक्सचेंज निवेशकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभाने में चूक कर गया. यह मामला सामने आने के बाद भुगतान का संकट पैदा हो गया. इस मामले में कुल 13,000 से अधिक निवेशकों ने दावा किया है कि उनको उनका पैसा या सामान नहीं मिला है.

दरअसल, जिग्नेश शाह ने पांच-छह एक्सचेंज शुरू किये थे. विनियामकों ने तब से उन पर किसी भी एक्सचेंज का संचालन करने पर पाबंदी लगा दी है. मुंबई पुलिस ने इस मामले में 27 दिसंबर, 2018 को कुल 63 इकाइयों के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किये थे. पुलिस की आेर से दायर आरोप पत्र में 27 व्यक्तियों और 36 कंपनियों के नाम शामिल हैं.

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