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Khunti

  • Dec 31 2018 2:00AM

पर्यटन स्थलों को किया जा रहा विकसित

खूंटी : नये साल में खूंटी जिला पर्यटन के क्षेत्र में विकसित जिले के रूप में नजर आ सकता है़  वर्तमान में इसे लेकर कई योजनाएं संचालित की जा रही है़  मिनी देवघर के नाम से प्रसिद्ध आम्रेश्वर धाम को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है़  इसके लिए झारखंड सरकार द्वारा दो करोड़ 15 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है़  इसमें से एक करोड़ 63 लाख रुपये का आवंटन खूंटी जिले को प्राप्त हो चुका है.
 
 जिला  प्रशासन के अनुसार उक्त राशि से आम्रेश्वर धाम का विकास जा रहा है़   बिरसा मुंडा के पैतृक गांव उलीहातू और डोंबारी बुरू को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सरकार द्वारा पांच करोड़ 38 लाख रुपये की स्वीकृति दी गयी है़  इसमें से अबतक जिले को दो करोड़ 15 लाख रुपये प्राप्त हो चुके है़ं 
 
 उक्त राशि से दोनों स्थानों के सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है़  मुरहू के प्रसिद्ध पंचघाघ जलप्रपात के विकास के लिए दो करोड़ दस लाख रुपये का आवंटन किया गया है़  झारखंड राज्य भवन निगम लिमिटेड  द्वारा पंचघाघ में कार्य कराया जाना है, लेकिन फिलहाल कार्य बंद है़  जिले में पर्यटन स्थलों के विकास के लिए वर्ष 2016-17 में अलग से 50 लाख रुपये का आवंटन किया गया था. 
 
जिला प्रशासन द्वारा इस राशि से दशम फॉल के खूंटी हिस्से में तथा कर्रा के सोनमेर मंदिर में निर्माण कार्य किया जा रहा है़  वर्ष 2017-18 में फिर से 50 लाख रुपये आवंटित किये गयाे, जिससे खूंटी के लटरजंग और मुरहू के पेलौल डैम का विकास किया जायेगा़ 
 
 डीसी सूरज कुमार ने बताया कि बताया लटरजंग में नौका विहार के लिए नौका उपलब्ध करायी जायेगी. सुरक्षा के लिए लाईफ सेप्टी गार्ड प्रदान किया जायेगा़ योजना सफल होने पर मुरहू के पेलौल डैम में भी यह सुविधा दी जायेगी़  उन्होने बताया कि तोरपा के पेरवाघाघ जलप्रपात के विकास के लिए 75 लाख और मुरहू के रानी फॉल के विकास के लिए कुल 45 लाख रुपये का आवंटन प्राप्त हो चुका है़ं  दोनों जगहों पर सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है़

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