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Delhi

  • Oct 15 2019 4:36PM
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पी चिदंबरम को झटका : INX मीडिया मामले में पूछताछ करने के लिए ED को मिली इजाजत, जरूरत पड़ने पर हो सकते हैं गिरफ्तार

पी चिदंबरम को झटका : INX मीडिया मामले में पूछताछ करने के लिए ED को मिली इजाजत, जरूरत पड़ने पर हो सकते हैं गिरफ्तार

नयी दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को मंगलवार को दिल्ली के स्पेशल कोर्ट से करारा झटका लगा है. दिल्ली की विशेष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को आईएनएक्स मीडिया मामले में पूछताछ करने के लिए गिरफ्तार करने का आदेश दे दिया है. फिलहाल, चिदंबरम सीबीआई की हिरासत में हैं और उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया है. इससे पहले चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी और सीबीआई पर अपमानित करने के लिए जेल में रखने का आरोप लगाया था.

दिल्ली की विशेष अदालत ने ईडी को चिदंबरम से पूछताछ करने की इजाजत दी है. यह पूछताछ अधितकम 30 मिनट तक चल सकती है.इसके अलावा, कोर्ट ने ईडी को जरूरत पड़ने पर चिदंबरम को गिरफ्तार करने की इजाजत भी दे दी है. अब ईडी के अधिकारी बुधवार को तिहाड़ जेल जायेंगे और चिदंबरम से पूछताछ करेंगे. विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान ईडी ने पूछताछ और गिरफ्तारी की इजाजत मांगी थी. इस पर कोर्ट ने ईडी से कहा कि यह इनकी (चिदंबरम) गरिमा के मुताबिक नहीं होगा कि आप यहां सार्वजनिक रूप से उनसे पूछताछ और गिरफ्तार करें.

इससे पहले आईएनएस मीडिया मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि सीबीआई उन्हें अपमानित करने के लिए जेल में रखना चाहती है. इसके पहले उन्होंने शीर्ष अदालत से जमानत देने की अपील की थी, जिसका सीबीआई ने विरोध किया है. सुप्रीम कोर्ट से पी चिदंबरम ने कहा कि ऐसा कोई भी आरोप नहीं है कि मैंने या मेरे परिवार के सदस्यों ने मामले में कभी किसी गवाह से संपर्क करने या उसे प्रभावित करने की कोशिश की हो. उन्होंने अदालत को बताया कि आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में फंड की हेराफेरी या वित्तीय नुकसान के कोई आरोप नहीं है.

इससे पहले, आईएनएक्स मीडिया मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की जमानत याचिका पर सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया. सीबीआई ने पी चिदंबरम की जमानत अर्जी का विरोध किया. सीबीआई ने कहा इस मामले की जांच अभी चल रही है. चिदंबरम बेहद प्रभावशाली व्यक्ति है , जो गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं. उन्होंने निजी लाभ के लिए देश के उच्च पद का इस्तेमाल किया. सीबीआई ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट ने भी अपने फैसले में माना है कि पी चिदंबरम गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं. उसने कहा है कि पी चिदंबरम ने दो गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश की. ऐसे में उनकी जमानत याचिका खारिज होनी चाहिए.

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