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  • Jul 8 2013 10:18AM
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लालू के शासन में नहीं हुए थे धमाके

लालू के शासन में नहीं हुए थे धमाके

 गया : बोधगया में हुए आतंकी हमले के साथ ही सियासत भी शुरू हो गई. कुछ दिनों पहले तक राज्य सरकार में शामिल बीजेपी ने इसे पूरी तरह से नीतीश कुमार सरकार की विफलता करार दिया, तो लालू यादव ने कहा कि उनके शासन में कभी इस तरह की हरकते नहीं हुई थी. नीतीश कुमार के साथ भविष्य में रिश्तों को देखते हुए कांग्रेस ने सधी हुई प्रतिक्रिया दी है.

बोधगया हमले के साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर राजनीतिक हमले भी शुरू हो गए. उनके पारंपरिक विरोधी लालू यादव ने तो उन पर निशाना साधा ही, कुछ दिन पहले तक साथी रही बीजेपी ने भी जमकर वार किए. दोनों ने हमलों के लिए पूरी तरह से राज्य सरकार को दोषी करार दिया. कुछ दिन पहले तक बीजेपी राज्य सरकार का हिस्सा थी. लेकिन अब राजनीतिक फायदे को देखते हुए यहां तक कहा कि मुख्यमंत्री राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था की बात मानने को ही तैयार नहीं है.

 

बीजेपी नेता सुशील मोदी ने कहा कि आतंकियों को शहीद मानने का काम लश्कर कर सकती है. लेकिन जदयू या अन्य पार्टी करे तो सही नहीं. जब भी कोई मंत्री लॉ-ऑर्डर की शिकायत करता था तो मुख्यमंत्री जी उसे डांट देते थे. कल इस घटना के विरोध में बीजेपी का गया बंद रहेगा.

 

आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव ने कहा कि ये सबसे बड़ी नाकामी है नीतीश कुमार की. पहले क्यों नहीं कदम उठाया. नीतीश कुमार और बीजेपी का गठजोड़ टूटा है वो सिर्फ अपने विरोधियों को चित्त करने में लगे हैं. बाकी कोई काम नहीं.

 

वहीं, बीजेपी से जेडीयू के रिश्ते खत्म होने के बाद से कांग्रेस नीतीश कुमार पर हमला करने से बच रही है. कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर ही हमला करते हुए नीतीश को बीजेपी से सावधान रहने की बात कही.

 

वैसे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस हमले की घोर निंदा की है. उन्होंने कहा कि इस तरह की कायरतापूर्ण हरकत के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. हालांकि केंद्रीय एजेंसियों के राज्य सरकार के साथ तालमेल पर वो भी चुप्पी साधे रहे.

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