कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान बदल सकता है आर्मी एक्ट- प्रेस रिव्यू

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान बदल सकता है आर्मी एक्ट- प्रेस रिव्यू
Getty Images

इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर के अनुसार, मौत की सज़ा पाए कुलभूषण जाधव के मामले में पाकिस्तान कई अन्य क़ानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है.

ख़बरें हैं कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के आदेश का पालन करने के लिए सरकार आर्मी एक्ट में संशोधन कर सकती है.

नवभारत टाइम्स के अनुसार, भारत के प्रधान न्यायाधीश का कार्यलय सूचना के अधिकार के तहत आ गया है.

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को फैसला देते हुए कहा कि सीजेआई का कार्यालय आरटीआई के तहत आएगा. कोर्ट ने इसे सार्वजनिक प्राधिकरण माना है.

कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान बदल सकता है आर्मी एक्ट- प्रेस रिव्यू
Getty Images

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को दो महत्वपूर्ण मामलों पर फैसला आएगा है. केरल में सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर बीते सितम्बर में दिए गए फैसले पर दायर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई होनी है.

इसके अलावा रफ़ाएल मामले में केंद्र को क्लीन चिट देने के फ़ैसले पर भी पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई होनी है.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक ख़बर के अनुसार, अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के कई दिनों बाद मामले में पहले मुस्लिम याचिकाकर्ता ने पुनर्विचार याचिका दायर करने का फैसला किया है.

पहले मुस्लिम याचिकाकर्ता के बेटे मोहम्मद उमर ने कहा है कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की मंजूरी के बाद उन्होंने ये फ़ैसला लिया है. उधर निर्मोही अखड़ाने ने पहले पुनर्विचार याचिका न दायर करने की बात कही थी, लेकिन अब वो भी इस मामले में विचार कर रहा है.

कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान बदल सकता है आर्मी एक्ट- प्रेस रिव्यू
BBC

द स्टेट्समैन की एक ख़बर के अनुसार, जेएनयू में बढ़ी फ़ीस को आंशिक रूप से वापस ले लिया गया है. 16 दिनों तक छात्रों के प्रदर्शन के बाद जेएनयू प्रशासन ने बीपीएल छात्रों के लिए हॉस्टल फ़ीस कम की है.

हिंदुस्तान टाइम्स की एक ख़बर के अनुसार, बीजेपी अध्यक्ष और गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि शिवसेना शुरू से ही जानती थी कि मुख्यमंत्री पद पर कोई समझौता नहीं होगा.

उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में देवेंद्र फड़नवीस का चेहरा आगे किया तब शिवसेना ने कोई विरोध दर्ज नहीं कराया.

जनसत्ता की एक ख़बर के अनुसार, खुदरा महंगाई दर 16 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई है. फल, सब्जियों और दालों के दाम बढ़ने से बीते महीने खुदरा मुद्रास्फ़ीति 4.62 प्रतिशत हो गई है.

ऊंची खुदरा मुद्रास्फ़ीति को देखते हुए रिजर्व बैंग की अगले महीने होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में नीतिगत दरों में कटौती को लेकर गुंजाइश काफ़ी कम रह गई है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

]]>

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें