फ़िजिक्स में योगदान के लिए तीन वैज्ञानिकों को मिला नोबेल पुरस्कार

By Prabhat Khabar Digital Desk
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<figure> <img alt="जेम्स, डिडिएर और मिशेल" src="https://c.files.bbci.co.uk/4065/production/_109158461_2693ce87-c663-4448-bfd0-d33e54e6fdac.jpg" height="549" width="976" /> <footer>The Nobel Prize</footer> <figcaption>जेम्स, डिडिएर और मिशेल</figcaption> </figure><p>फ़िज़िक्स के क्षेत्र में साल 2019 के लिए नोबेल पुरस्कार की घोषणा कर दी गई है. इस बार तीन लोगों को भौतिक विज्ञान में योगदान के लिए नोबेल दिया गया है.</p><p>जेम्स पीबल्स को ब्रह्माण्ड विज्ञान पर नए सिद्धांत रखने के लिए जबकि मिशेल मेयर और डिडिएर क्वेलोज को सौरमंडल से परे एक और ग्रह खोजने के लिए संयुक्त रूप से पुरस्कार दिया गया है.</p><p>जेम्स पीबल्स कनाडाई मूल के अमेरिकी नागरिक हैं. उन्होंने बिग बैंग, डार्क मैटर और डार्क एनर्जी पर जो काम किया है, उसे आधुनिक ब्रह्मांड विज्ञान का आधार माना जाता है.</p><p>मिशेल और डिडिएर ने 51 पेगासी बी ग्रह की खोज की थी. गैस से बना यह विशाल ग्रह पृथ्वी से 50 वर्ष दूर एक तारे की परिक्रमा कर रहा है.</p><p>इस साल पुरस्कार की राशि का आधा हिस्सा जेम्स को मिलेगा, जबकि दूसरे हिस्से को मेयर और डिडिएर के बीच आधा-आधा बांट दिया जाएगा.</p><p>'द नोबेल प्राइज़' ने ट्वीट कर बताया है कि फिज़िक्स में नोबेल का ऐलान रॉयल स्वीडिश अकैडमी ऑफ़ साइंस के जनरल सेक्रेटरी गोरान के. हैन्सन ने किया.</p><p><a href="https://twitter.com/NobelPrize/status/1181507664582467585">https://twitter.com/NobelPrize/status/1181507664582467585</a></p><p>पुरस्कार की घोषणा के बाद जेम्स पीबल्स ने विज्ञान के छात्रों को सीख देते हुए कहा कि जो नए लोग विज्ञान की दुनिया में आ रहे हैं, उनके लिए मेरी सलाह है कि उन्हें विज्ञान से प्रेम करते हुए इसे अपनाना चाहिए..</p><p>जेम्स का जन्म 1935 में कनाडा के विनिपेग में हुआ था और वह प्रिंसटन यूनिवर्सिटी में अल्बर्ट आइंस्टाइन प्रोफ़ेसर ऑफ़ साइंस हैं.</p><p>मिशेल मेयर का जन्म 1942 में स्विट्ज़रलैंड में हुआ था. डिडिएर क्वेलोज का जन्म 1966 में हुआ था और वह यूनिवर्सिटी ऑफ़ जिनीवा और यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैंब्रिज में प्रोफ़ेसर हैं.</p><p><strong>ये भी पढ़ें</strong><strong>-</strong></p> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/international-49806532?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">मोदी को 'ग्लोबल गोलकीपर अवॉर्ड' पर विवादों का साया </a></li> </ul> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/international-45759596?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">नादिया मुराद को क्यों मिला शांति का नोबेल पुरस्कार</a></li> </ul> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/international-44097812?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">क्या ट्रंप को मिलेगा शांति का नोबेल पुरस्कार?</a></li> </ul><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम </a><strong>और </strong><a href="https://www.youtube.com/user/bbchindi">यूट्यूब</a><strong> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>
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