Boxer बेटी के लिए घरवाले ढूंढ रहे थे दामाद, हुआ कुछ ऐसा कि अब लानी पड़ेगी बहू, वजह?

By Prabhat Khabar Digital Desk
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उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की मुक्केबाज प्रियंका पाल अब श्रेयान पाल बन चुके हैं. वो जन्मी तो लड़की ही थी, लेकिन अब वह एक लड़का है.

जी हां, 25 साल की उम्र तक प्रियंका महिला मुकाबलों में रिंग में उतरती रहीं. वह यूनिवर्सिटी की ओर से नेशनल लेवल तक खेलीं, लेकिन फिर उन्होंने गुपचुप तरीके से दिल्ली के एक बड़े अस्पताल में अपना लिंग परिवर्तन करवा लिया और पूरी तरह पुरुष बनने के बाद वह फिर से दुनिया के सामने आयी हैं.

पुरुष मुक्केबाजों का बॉक्सिंग कोच

महिला से पुरुष बने श्रेयान पाल ने अब पुरुष मुक्केबाजों का बॉक्सिंग कोच बनने की घोषणा की है. पेशे से बिल्डर रामस्वरूप पाल की बेटी प्रियंका को बॉक्सिंग का बड़ा शौक था, इसलिए उन्होंने यूनिवर्सिटी की महिला बॉक्सिंग टीम से नेशनल लेवल तक खेला.

लड़कों के जैसे रहना पसंद

25 साल की प्रियंका ने दो साल पहले महिला स्पोर्ट्स टीचर के रूप में हरियाणा में नौकरी शुरू कर दी. उन्हें बचपन से लड़कों के जैसे रहना पसंद था. प्रियंका पाल के हाव भाव जन्म से ही लड़कों वाले थे. कपड़ों से लेकर दोस्ती-यारी और रहन-सहन भी पूरी तरह लड़कों वाला ही था. यह सब कुछ प्राकृतिक ही था. लेकिन, ये बातें प्रियंका के मन में बार-बार सवाल बनकर घुमड़ने लगे.

फिर क्या था?

प्रियंका ने दोस्तों से सलाह ली और निकल पड़ी दिल्ली. प्रियंका दिल्ली पहुंचकर एक साइकोलॉजिस्ट से मिली और लगभग 13 महीने तक चली काउंसलिंग के बाद डॉक्टरों ने उन्हें जेंडर आइडेंटिटी डिसऑर्डर (GID) का सर्टिफिकेट दे दिया. इतने महीनों की काउंसलिंग के बाद भी प्रियंका को लड़की बने रहना मंजूर नहीं हुआ और जेंडर बदलवाकर अब वह लड़का बन गई.

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परिवारवालों को पता नहीं था

27 साल के श्रेयान जब प्रियंका थे, तब उनके इरादों के बारे में परिवारवालों को पता नहीं था. जब पहली सर्जरी हुई और शरीर की बनावट में बदलाव शुरू हुआ, तो उन्होंने मम्मी-पापा को पूरी बात बतायी. प्रियंका की सुनकर उन्हें धक्का जरूर लगा, लेकिन बाद में वे उनके समर्थन में आ गए और दूसरी सर्जरी के लिए खर्च में भी मदद की.

सर्जरी के लिए बचाये पैसे

स्कूल स्तर पर बॉक्सिंग की चैंपियन रही प्रियंका को महिला स्पोर्ट्स ट्रेनर की नौकरी मिल गई. 35 हजार तनख्वाह वाली नौकरी में प्रियंका ने पैसे बचाए, जो सर्जरी में काम आये. उनकी तीनों सर्जरी नयी दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के प्लास्टिक सर्जन डॉ भीम नंदा की देखरेख में हुई. श्रेयान बताते हैं कि लिंग परिवर्तन की इस प्रक्रिया में छह से सात लाख रुपये खर्च हुए.

अब दुल्हन तलाश रहे घरवाले

प्रियंका अब पूरी तरह से श्रेयान बन चुकी हैं. वह इन दिनों जेजेडीयू झुंझनू राजस्थान से फिजिकल एजुकेशन में पीएचडी कर रहे हैं. शोध डिग्री मिलने के बाद उनका कोच बनने का सपना है. वहीं, उनके माता-पिता अपनी संतान के लिए अब दूल्हा की जगह दुल्हन की तलाश कर रहे हैं.

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