इंजीनियरिंग की शाखाओं से ज्यादा कमाईवाला क्षेत्र है जेनेटिक इंजीनियरिंग

By Prabhat Khabar Digital Desk
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मैंने 12वीं साइंस स्ट्रीम से किया है. इसमें विषय थे- फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स और बायोलॉजी. भारत में जेनेटिक इंजीनियरिंग के कैरियर और इसकी संभावनाओं के बारे में बताएं. इस क्षेत्र में सैलरी की क्या उम्मीद की जा सकती है?

राजा प्रसाद रॉय, बिहार

राजा, जेनेटिक इंजीनियरिंग को जेनेटिक मॉडिफिकेशन के रूप में भी जाना जाता है. जेनेटिक इंजीनियरिंग टेक्निक्स को कई क्षेत्रों में इस्तेमाल किया गया है, जैसे - रिसर्च, एग्रीकल्चर, इंडस्ट्रियल बायोटेक्नोलॉजी और मेडिसिन. जेनेटिक इंजीनियरिंग स्नातक को मेडिकल और फर्माक्यूटिकल इंडस्ट्रीज, एग्रीकल्चर इंडस्ट्रीज, रिसर्च और डेवलपमेंट करने के अवसर मिलते हैं. कुछ विश्वविद्यालय जो जेनेटिक इंजीनियरिंग के कोर्स कराते हैं, उनके नाम इस प्रकार हैं- बायो-इंफॉर्मेटिक्स सेंटर ऑफ जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटर (जेएनयू), नयी दिल्ली. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, खड़गपुर और दिल्ली. दिल्ली यूनिवर्सिटी, दिल्ली. यूनिवर्सिटी ऑफ कोलकाता, कोलकाता. आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी, पटना. इंस्टीट्यूट ऑफ जेनेटिक इंजीनियरिंग, कोलकाता. फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, चेन्नई. डिपार्टमेंट ऑफ जेनेटिक इंजीनियरिंग, एसआरएम यूनिवर्सिटी, कांचीपुरम. स्कूल ऑफ बायो-टेक्नोलॉजी, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर.

इस क्षेत्र में अच्छा कैरियर बनाने के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन जरूरी है. इस क्षेत्र में अच्छे प्रशिक्षित लोगों की कमी की वजह से सैलरी दूसरी शाखाओं से इंजीनियरिंग के मुकाबले बहुत ज्यादा मिलती है. इस क्षेत्र में सैलरी 50,000 से तीन लाख रुपये प्रति माह के करीब होती है.

मैं इस वर्ष बीकॉम के दूसरे वर्ष में हूं. स्नातक करने के बाद इस क्षेत्र में कैरियर से संबंधित क्या संभावनाएं हैं?

राहुल कुमार, इ-मेल से

राहुल, सिर्फ बीकॉम करने के बाद आप बहुत अच्छा कैरियर नहीं बना सकते. ऐसा नहीं है कि आपको नौकरी नहीं मिलेगी, लेकिन आगे विकास के लिए आपको पोस्ट ग्रेजुएटशन या कुछ स्पेशलाइज्ड कोर्स करने चाहिए. जैसे- बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, सैप- फाइनेंस, टेली-इआरपी आदि. इसके अलावा बीकॉम के साथ आप आइसीडब्ल्यूए या सीएस कोर्स करके बहुत अच्छा कैरियर बना सकते हैं. एमबीए भी एक विकल्प है. ये कोर्स आप नौकरी के साथ भी कर सकते हैं.

मैंने 2012 में माइनिंग में डिप्लोमा पूरा किया था. यह डिप्लोमा एसबीटीइ झारखंड से किया है? इसके बाद मैंने माइनिंग में बीटेक के लिए श्रीधर यूनिवर्सिटी, पिलानी, राजस्थान में प्रवेश ले लिया. मैं जानना चाहता हूं कि क्या यह विश्वविद्यालय मान्यता प्राप्त है और क्या मेरी डिग्री सरकारी या निजी सेक्टर में नौकरी के लिए मान्य होगी?

हैपी सिंह, झारखंड

हैपी, श्रीधर यूनिवर्सिटी एक मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी है, जो कि पिछले छह वर्षो से शिक्षा के क्षेत्र में टेक्निकल, मैनेजमेंट आदि कोर्स के लिए जानी जाती है. यह एक प्राइवेट किंतु सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय है. इसकी डिग्री पूरी तरह से हर प्राकर की नौकरी के लिए मान्य है.

मैंने बीइ इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन से किया है. कृपया मुङो बताएं कि एमएससी या एमए के लिए कौन से विषय चुनूं, जिससे एमएड का कोर्स करने में फायदा मिले?

कुणाल कुमार, इ-मेल से

कुणाल, बीइ करने के बाद सही राह पर चल कर लोग ज्यादातर एमटेक द्वारा पोस्ट ग्रेजुएशन करते देखे जाते हैं. आप चाहे तो कोई दूसरी पीजी डिग्री जैसे एमएससी या एमए कर सकते हैं. लेकिन यह सही राह नहीं होगी. अगर आप एजुकेशन के क्षेत्र में जाना चाहते हैं, तो एमइ या एमटेक के बाद आपको टीचिंग की नौकरी मिल सकती है. आप इसके साथ-साथ पीएचडी करके और मजबूत कैरियर बना सकते हैं. स्नातक के बाद बिना किसी खास वजह के स्ट्रीम बदलना ठीक नहीं होगा.

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डॉ अनिल सेठी

मोटिवेटर एंड काउंसेलर

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