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  • May 15 2014 11:46AM
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मुलायम सिंह यादव को रास नहीं आया एनडी तिवारी का ब्याह रचाना, नहीं दी बधाई

मुलायम सिंह यादव को रास नहीं आया एनडी तिवारी का ब्याह रचाना, नहीं दी बधाई

-राजेंद्र कुमार- 

लखनऊ : कांग्रेस के 89 वर्षींय दिग्गज नेता नारायण ­दत्त तिवारी (एनडी तिवारी) फिर खबरों में हैं. यूपी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तथा केंद्र सरकार में कई अहम मंत्रालयों के मंत्री रह चुके एनडी तिवारी के सुर्खियों में रहने की वजह राजनीतिक नहीं है बल्कि डॉ उज्ज्वला शर्मा से बीते बुधवार की रात उनका शादी करना है.

62 वर्षीय उज्ज्वला शर्मा ने गुरूवार को तिवारी जी के आवास पर मीडिया को बुलाकर यह जानकारी दी. उनके इस खुलासे से एनडी तिवारी के साथ काम कर चुके सूबे के तमाम बड़े नेता झटका खा गये. कल्याण सिंह हो या मुलायम सिंह यादव अथवा प्रमोद तिवारी इन सबको पूजा पाठ करने की उम्र में एनडी तिवारी का शादी करना रास नहीं आया.  

यही वजह है कि एनडी तिवारी के शादी करने की खबर फैलने के बाद भी मुलायम सिंह यादव से लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक ने उन्हें शादी की बधाई नहीं दी. जबकि मुलायम सिंह यादव तिवारीजी को अपने परिवार का सदस्य मनाने हैं.

यूपी काग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री ने भी तिवारीजी के शादी करने को लेकर कुछ भी बोलने से मना कर दिया. चुनाव प्रचार के दौरान एनडी तिवारी से आर्शीवाद लेने उनके पास पहुंचने वाली रीता बहुगुणा ने उनके शादी करने पर आश्चर्य जताया. विभिन्न राजनीतिक दलों के तमाम अन्य नेता भी इस मामले से दूर रहते दिखे. 

यही नहीं रोहित शेखर भी एनडी तिवारी और उज्ज्वला शर्मा की शादी में शामिल नहीं हुए. एनडी तिवारी के जैविक पुत्र रोहित शेखर उज्ज्वला शर्मा के बेटे हैं. रोहित के द्वारा लड़ी गई कानून लड़ाई के बाद ही अदालत के निर्देश पर संतानविहीन एनडी तिवारी ने उन्हें अपना पुत्र इस वर्ष माना था.

जिसके बाद से ही उज्ज्वला शर्मा ने एनडी के घर में रहने की कोशिश करना शुरू किया. एनडी तिवारी ने उनकी बात नहीं मानी तो अपना अधिकार पाने के लिए उज्ज्वला शर्मा ने एनडी तिवारी जी के घर के बाहर धरना तक दिया. पुलिस अफसरों के हस्तक्षेप के बाद एनडी तिवारी ने बीते पखवारे ही उज्ज्वला शर्मा को अपने घर आरोही में रहने की स्वीकृति दी. एनडी तिवारी की पत्नी सुशीला जी का निधन कई वर्ष पहले हो चुका है.

इस वजह से वह आरोही में अकेले ही रहते हैं और बुधवार की रात अचानक ही तिवारीजी ने उज्ज्वला शर्मा के साथ अपने पारिवारीजनों की मौजूदगी में शादी कर ली. शादी में रोहित के ना मौजूद होने को लेकर उज्ज्वला का कहना था कि सब कुछ इतनी जल्दी में हुआ कि रोहित शादी में आ नहीं पाया.

उज्ज्वला शर्मा के अनुसार जल्दी ही शादी की एक बड़ी पार्टी लखनऊ में दी जायेगी और कोर्ट में शादी को रजिस्टर कराया जाएगा. शादी की पार्टी में किस-किस को बुलाया जाएगा? इस सवाल पर शादी से उत्साहित उज्जवला शर्मा ने कहा कि एनडी तिवारी के सभी राजनीतिक मित्रों को भी न्यौता ­भेजा जाएगा. 

कौन है उज्ज्वला शर्मा 

उज्ज्वला शर्मा हरियाणा के बड़े आर्यसमाजी नेता प्रोफेसर शेर सिंह की बेटी हैं. शेर सिंह रोहतक के वैश्य कॉलेज में पढ़़ाते थे. बाद में वे रोहतक से सांसद बने. फिर केंद्र सरकार के शिक्षा तथा रक्षा राज्य मंत्री बने. मंत्री के नाते उन्हे कृष्ण मेनन मार्ग पर तीन नंबर कोठी आवंटित थी. कोठी में प्रोफेसर शेरसिंह के साथ ही उज्ज्वला शर्मा और उनके पति वीएसशर्मा रहते थे.

उज्जवला का विवाह 1962 में वीएस शर्मा से हुआ था. उनका बड़ा बेटा सिद्धार्थ यहीं पैदा हुआ. प्रोफेसर शेरसिंह 1967 से 80 तक मंत्री रहे. 1980 में प्रोफेसर शेरसिंह चुनाव हार गए. और नारायण दत्त तिवारी केंद्र सरकार में उद्योग मंत्री बने. संयोग से उन्हें वही कोठी आवंटित हो गई.

जिसमें प्रोफेसर शेरसिंह रहते थे. शेरसिंह का परिवार बेदखल हो इससे पहले प्रोफेसर शेरसिंह ने तिवारी से मदद मांगी . तो तिवारी जी ने शेरसिंह से कहा आप परेशान न हों. वैसे ही रहें जैसे रहते थे. मैं एक कमरे में रह लूंगा. इस मकान में रहने के दौरान एनडी तिवारी की उज्ज्वला शर्मा से जान पहचान हुई.

2006 में उज्ज्वला शर्मा का तलाक हुआ. और उसके कुछ समय बाद उन्होंने एनडी तिवारी पर रोहित शेखर को अपना पुत्र घोषित करने का दबाव बनाया. तिवारीजी नहीं माने तो मां-बेटे ने अदालत की शरण ली और डीएनए रिपोर्ट के आधार पर रोहित शेखर को एनडी तिवारी का पुत्र माना.

जिसके बाद से उज्ज्वला शर्मा ने एनडी तिवारी पर अपना अधिकारी जताना शुरू किया है. जिसके लिए उन्होंने धरना प्रदर्शन तक करने से गुरेज नहीं किया. और तिवारी जी के ओएसडी  भवानी भट्ट के खिलाफ मोर्चा खोलकर उसे तिवारीजी के आवास से बाहर करा दिया. 

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