सेक्स सीडी मामलाः विनोद वर्मा की जमानत याचिका फिर हुई ख़ारिज

By Prabhat Khabar Digital Desk
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बीबीसी न्यूज हिंदी
छत्तीसगढ़ के मंत्री की कथित अश्लील सीडी मामले में गाज़ियाबाद से गिरफ़्तार वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा की ज़मानत याचिका सेशन कोर्ट ने भी ख़ारिज कर दी है.

रायपुर के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जितेंद्र जैन की अदालत ने देर शाम यह फ़ैसला सुनाया.

विनोद वर्मा के वकील ने अदालत में कहा है कि उनके ख़िलाफ़ दर्ज़ मामला सरकार की साज़िश है.

उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में पत्रकारों के उत्पीड़न के मामले में एडिटर्स गिल्ड की रिपोर्ट से सरकार नाराज थी. विनोद वर्मा एडिटर्स गिल्ड की जांच टीम के सदस्य थे.

विनोद वर्मा के वकील फैज़ल रिज़वी ने कहा कि सीडी की जहां कॉपी हुई उसे अभियुक्त नहीं बनाया गया, इसके उलट जिसका इस सीडी से कोई लेना-देना था, उसे पुलिस ने अभियुक्त बना दिया. उन्होंने पुलिस के क्षेत्राधिकार और कार्रवाई को लेकर भी कई गंभीर प्रश्न उठाए.

दो दिन पहले भी हुई थी याचिका ख़ारिज़

दूसरी ओर सरकारी वकील ने मामले की गंभीरता का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया. इसके बाद अदालत ने सुनवाई को लंच तक के लिए टाल दिया. दोपहर बाद फिर से अदालत की कार्रवाई शुरु हुई और देर शाम को अदालत ने विनोद वर्मा की जमानत याचिका को ख़ारिज़ॉ किए जाने का फ़ैसला सुनाया.

इससे पहले सोमवार को रायपुर के न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी भावेश कुमार वट्टी की अदालत ने विनोद वर्मा के ख़िलाफ़ दर्ज मामले की प्रकृति को गंभीर बताते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी.

गौरतलब है कि 27 अक्टूबर की सुबह छत्तीसगढ़ में रमन सिंह सरकार के एक मंत्री से जुड़ी एक कथित सेक्स सीडी के मामले में वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को छत्तीसगढ़ पुलिस ने ग़ाज़ियाबाद से गिरफ़्तार किया था.

इसके बाद उन्हें 29 अक्टूबर को रायपुर की स्थानीय अदालत में पेश किया गया था. जहां से पूछताछ के लिए उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया था. पूछताछ के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था.

सेक्स सीडी मामलाः विनोद वर्मा की जमानत याचिका फिर हुई ख़ारिज
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सीबीआई जांच

छत्तीसगढ़ सरकार ने इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने की घोषणा की है. हालांकि अभी तक सीबीआई की ओर से मामले को स्वीकार किये जाने के कोई संकेत नहीं मिले हैं.

भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी प्रकाश बजाज ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज़ कराई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि उन्हें एक फ़ोन आया जिसमें उनके 'आका' की सेक्स सीडी बनाने की बात कही गई.

प्रकाश बजाज की एफ़आईआर में विनोद वर्मा के नाम का ज़िक्र नहीं है, लेकिन एक दुकान का ज़िक्र है, जहां पर कथित तौर पर सीडी की नकल बनाई जा रही थी.

रायपुर के पंडरी थाने में दर्ज इस एफआईआर के आधार पर ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुये 11 घंटे के भीतर ही दिल्ली और फिर ग़ाज़ियाबाद पहुँचकर विनोद वर्मा को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया.

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