महाराष्ट्र के कोल्हापुर में तीन दशकों से अधिक समय से रह रही माधुरी हाथिनी ने वंतारा में एक वर्ष से अधिक समय तक चले उपचार और पुनर्वास को पूरा कर लिया है. अब वह महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित नंदानी मठ लौटने के लिए तैयार है.
माधुरी को उन्नत गठिया, क्रॉनिक फुट रॉट, गंभीर गतिशीलता संबंधी समस्याओं और लंबे समय से चले आ रहे आघात के बाद विशेष चिकित्सा देखभाल के लिए जामनगर स्थित वन्यजीव पुनर्वास एवं संरक्षण केंद्र वंतारा लाया गया था.
गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थी माधुरी
जब माधुरी वंतारा पहुंची थी, तब वह एडवांस्ड आर्थराइटिस, क्रॉनिक फुट रॉट और चलने-फिरने में गंभीर परेशानी से जूझ रही थी. ये समस्याएं लंबे समय तक सीमित गतिविधियों और कठोर कंक्रीट सतहों पर रहने के कारण विकसित हुई थीं.
लंबे समय तक जंजीरों से बंधे रहने के कारण उसकी प्राकृतिक गतिविधियां और भी सीमित हो गई थीं. इससे उसके जोड़ों में जकड़न और गतिशीलता संबंधी समस्याएं बढ़ गई थीं. इसके बावजूद उससे त्योहारों और सार्वजनिक जुलूसों में हिस्सा लिया जाता रहा. इस दौरान उसे रस्सियों से बंधी अवस्था में गर्म डामर की सड़कों पर लंबी दूरी तक चलाया जाता था.
वंतारा में मिला विशेष उपचार
अनंत अंबानी के मार्गदर्शन में वंतारा की बहु-विषयक टीम ने माधुरी के शारीरिक स्वास्थ्य, गतिशीलता और भावनात्मक कल्याण पर ध्यान केंद्रित करते हुए उसका उपचार किया.
पिछले एक वर्ष के दौरान उसके पुनर्वास कार्यक्रम में पशु चिकित्सक, देखभालकर्ता, पोषण विशेषज्ञ और व्यवहार विशेषज्ञ शामिल रहे. उपचार के दौरान हाइड्रोथेरेपी, लेजर थेरेपी, लक्षित पोषण, विशेष फुट केयर और लगातार स्वास्थ्य निगरानी जैसी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया गया.
इन उपचारों का उद्देश्य माधुरी की गतिशीलता में सुधार करना, पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं को नियंत्रित करना और उसके समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाना था.
दूसरे हाथियों के साथ समय बिताने से मिला भावनात्मक सहारा
माधुरी के पुनर्वास में केवल शारीरिक उपचार ही नहीं, बल्कि भावनात्मक देखभाल भी शामिल रही. वंतारा में उसे सुरक्षित और समृद्ध वातावरण में दूसरे हाथियों के साथ रहने, बातचीत करने और संबंध बनाने का अवसर मिला.
लंबे समय तक सीमित गतिविधियों और कैद जैसी परिस्थितियों में रहने के बाद दूसरे हाथियों की संगति ने उसकी भावनात्मक स्थिरता और सुरक्षा की भावना को मजबूत करने में मदद की.
सुप्रीम कोर्ट की समिति के आकलन के बाद वापसी
माधुरी की वापसी सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त हाई पावर्ड कमेटी यानी HPC के आकलन के बाद हो रही है. समिति ने माधुरी के स्वास्थ्य और सुधार की समीक्षा की. इसके बाद गुजरात से महाराष्ट्र तक उसके स्थानांतरण के लिए जरूरी मंजूरियां और ट्रांजिट परमिट जारी किए गए.
विशेष एंबुलेंस से कोल्हापुर जाएगी माधुरी
माधुरी वंतारा से एक विशेष रूप से तैयार हाथी एंबुलेंस में कोल्हापुर के लिए रवाना होगी. यात्रा के दौरान वंतारा की पशु चिकित्सा और देखभाल टीम के सदस्य भी उसके साथ रहेंगे.
टीम उसकी सुरक्षा, आराम और लगातार चिकित्सकीय निगरानी सुनिश्चित करेगी. वंतारा के अनुसार, माधुरी को स्वास्थ्य और सुधार के विस्तृत आकलन के बाद यात्रा के लिए फिट घोषित किया गया है.
माधुरी की वापसी एक वर्ष से अधिक समय तक चले उपचार और पुनर्वास के बाद हो रही है. यह उसके स्वास्थ्य में हुए सुधार और उसके कल्याण के लिए किए गए प्रयासों का महत्वपूर्ण चरण है.
FAQs
माधुरी हाथिनी को वंतारा क्यों लाया गया था? ▼
माधुरी को उन्नत गठिया, क्रॉनिक फुट रॉट, गंभीर गतिशीलता संबंधी समस्याओं और लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार और पुनर्वास के लिए वंतारा लाया गया था.
वंतारा में माधुरी का किस तरह इलाज किया गया? ▼
माधुरी के उपचार में हाइड्रोथेरेपी, लेजर थेरेपी, विशेष फुट केयर, लक्षित पोषण और लगातार स्वास्थ्य निगरानी जैसी प्रक्रियाएं शामिल थीं. पशु चिकित्सकों, देखभालकर्ताओं और अन्य विशेषज्ञों की टीम ने उसके शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर ध्यान दिया.
माधुरी अब कहां जाएगी? ▼
एक वर्ष से अधिक समय तक उपचार और पुनर्वास पूरा करने के बाद माधुरी महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित नंदानी मठ लौटेगी. उसकी यात्रा विशेष हाथी एंबुलेंस से होगी और वंतारा की पशु चिकित्सा एवं देखभाल टीम भी उसके साथ रहेगी.
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