1. home Home
  2. national
  3. will the farmer movement become stronger after the mahapanchayat how is the mood of the annadata read ksl

क्या महापंचायत के बाद और मजबूत होगा किसान आंदोलन? कैसा है अन्नदाताओं का मूड? पढ़ें...

नये कृषि कानूनों के विरोध में गणतंत्र दिवस पर आयोजित ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के बाद सरकार के सख्त रवैये से किसान आंदोलन नये मोड़ पर पहुंच गया है. भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर में आज शुक्रवार को महापंचायत बुलायी है. वहीं, उनके छोटे भाई व बीकेयू के प्रवक्ता राकेश टिकैत गाजीपुर बॉर्डर पर डटे हैं. इधर, बीकेयू ने ट्वीट कर कहा है कि ''आज की महापंचायत इन तीन काले कानूनों के ताबूत में आखिरी कील साबित होगी!'' आइए जानते हैं कि महापंचायत के बाद किसान आंदोलन का रुख कैसा होगा?

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
महापंचायत में शामिल किसान
महापंचायत में शामिल किसान
सोशल मीडिया

नयी दिल्ली : नये कृषि कानूनों के विरोध में गणतंत्र दिवस पर आयोजित ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के बाद सरकार के सख्त रवैये से किसान आंदोलन नये मोड़ पर पहुंच गया है. भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर में आज शुक्रवार को महापंचायत बुलायी है. वहीं, उनके छोटे भाई व बीकेयू के प्रवक्ता राकेश टिकैत गाजीपुर बॉर्डर पर डटे हैं. इधर, बीकेयू ने ट्वीट कर कहा है कि ''आज की महापंचायत इन तीन काले कानूनों के ताबूत में आखिरी कील साबित होगी!'' अब थोड़ी ही देर में महापंचायत शुरू होगी. आइए जानते हैं कि महापंचायत के बाद किसान आंदोलन का रुख कैसा होगा?

जानकारी के मुताबिक, राकेश टिकैत के रोने की खबर सुनकर किसानों के मसीहा कहे जानेवाले महेंद्र सिंह टिकैत की जन्मस्थली सिसौली स्थित टिकैत आवास पर गुरुवार की देर रात ही किसान पहुंचने लगे. वहीं, बीकेयू अध्यक्ष सह बलियान खाप के मुखिया नरेश टिकैत ने महापंचायत का एलान कर दिया.

भावुक हुए राकेश टिकैत
भावुक हुए राकेश टिकैत
सोशल मीडिया

किसान महापंचायत को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पुलिस हाई अलर्ट पर है. वहीं, मुजफ्फरनगर प्रशासन ने महापंचायत को स्थगित करने की अपील की है. महापंचायत स्थल राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान के पास महावीर चौक को पुलिस बल ने घेर लिया है.

दिल्ली हिंसा के बाद कई संगठनों ने खुद को अलग करने और कई धरना स्थलों से प्रशासन द्वारा धरना खत्म करा दिये जाने के बाद गाजीपुर बॉर्डर पर बीकेयू नेता राकेश टिकैत गुरुवार को भावुक हो गये. राकेश टिकैत के भावुक होने के बाद किसान फिर एकजुट होने लगे हैं.

नरेश टिकैत ने ट्वीट कर कहा है कि ''कल की रात हम नहीं सोये थे, आनेवाली रातों में हम तुम्हें नहीं सोने देंगे.'' साथ ही गाजीपुर बॉर्डर की तस्वीर साझा करते हुए कहा है कि ''यो वही गाजीपुर बॉर्डर है, जहां कल किसान के आंसू गिरे थे. आज किसानों की बाढ़ आ रखी है. सरकार जी, अब जो भी करो, सोच समझकर करना.''

नरेश टिकैत ने गुरुवार की देर रात सिसौली में पंचायत बुलाकर किसानों से गाजीपुर बॉर्डर पहुंचने की अपील की. नरेश टिकैत ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि गाजीपुर में किसी किसान को खरोंच आयी, तो सरकार को लाशों के ढेर से गुजरना पड़ेगा. इसके बाद टिकैत का वीडियो वायरल हो गया. इसके बाद गाजीपुर बॉर्डर पर बड़ी संख्या में किसान पहुंचने लगे.

किसान आंदोलन को राष्ट्रीय लोकदल, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं ने समर्थन दिया है. आज शुक्रवार की सुबह राष्ट्रीय लोकदल के जयंत सिंह राकेश टिकैत से मिलने के लिए गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे. उन्होंने कहा कि ''किसान ना दबेगा और ना झुकना जानता है. आंदोलन में शामिल किसानों की हिम्मत बढ़ाने के लिए मैं यहां पहुंचा हूं.''

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें