Ajit Pawar Plane Crash: जिस विमान दुर्घटना में अजित पवार की मौत हुई, उसकी को-पायलट शांभवी पाठक ने उड़ान भरने से पहले अपनी दादी को आखिरी संदेश गुड मॉर्निंग भेजा था. दादी फिलहाल ग्वालियर में रह रहीं हैं. दादी मीरा पाठक ने बताया कि सुबह उसका संदेश देखकर वह हैरत में जरूर आईं, क्योंकि वह नियमित तैर पर संदेश नहीं भेजती थी. उन्होंने कहा कि करीब 11 बजे उनके छोटे बेटे ने फोन करके यह जानकारी दी थी कि जिस विमान दुर्घटना में अजित पवार की मौत हुई है, उसमें शांभवी भी थी. उन्होंने कहा कि बाद में शांभवी के पिता और उनके बड़े बेटे ने फोन कर बताया कि वह शव लेने के लिए पुणे जा रहे हैं.
12 अक्टूबर को आखिरी बार शांभवी से मिली: दादी
पायलट शांभवी पाठक की दादी मीरा पाठक ने हादसे पर कहा- मुझे इस घटना के बारे में सुबह करीब 11 बजे पता चला. मैं उनसे 12 अक्टूबर को मिली थी. उनकी पोती ने एयरफोर्स स्टेशन में अपने पिता की तैनाती के दौरान एयरफोर्स विद्या भारती स्कूल से पांचवी कक्षा पास की थी और बाद में पिता के ट्रांसफर के बाद परिवार दिल्ली के लोधी कॉलोनी में रहने लगा. उन्होंने बताया कि शांभवी के पिता विक्रम पाठक वायुसेना में पायलट थे और अब वह रिटायर हो चुके हैं.
शांभवी ने कमर्शियल पायलट का प्रशिक्षण न्यूजीलैंड से लिया था
मीरा पाठक ने कहा कि शांभवी ने कमर्शियल पायलट का प्रशिक्षण न्यूजीलैंड से लिया था और उसने ब्रिटेन और रूस समेत कई देशों के लिए उड़ानों का संचालन किया था.
विमान हादसे में अजित पवार के अलावा इनकी हुई मौत
विमान हादसे में अजित पवार और शांभवी (25) समेत पांच लोगों की मौत हो गई. अन्य मृतकों की पहचान कैप्टन सुमित कपूर, एयर होस्टेस पिंकी माली और पवार के सहयोगी विदीप जाधव शामिल थे.
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