Video : संभल में कहां चल रहा है बुलडोजर? वीडियो आया सामने

Video : उत्तर प्रदेश के संभल के राय बुज़ुर्ग गांव में अवैध निर्माण पर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की. बताया जा रहा है कि यह अवैध मस्जिद थी. सुरक्षा के लिए इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया. अवैध निर्माण तोड़ने का वीडियो सामने आया है. देखें वीडियो.

Video : उत्तर प्रदेश के संभल में प्रशासन की ओर से अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई की. संभल के एसपी के.के. बिश्नोई ने बताया कि असमोली थाने के अंतर्गत राए बुज़ुर्ग गांव में तालाब और खाद गड्ढों की जमीन पर अवैध निर्माण किया गया था. लोगों को इसे खुद हटाने के लिए 30 दिन का समय दिया गया था, लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी उन्होंने निर्माण नहीं हटाया. इसलिए अब प्रशासन खुद ही तोड़फोड़ कर रहा है. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह अवैध निर्माण था और लोगों को पर्याप्त समय दिया गया था.कार्रवाई के दौरान ड्रोन से निगरानी भी रखी गई. अवैध निर्माण तोड़ने का वीडियो सामने आया है जिसे न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया है. देखें वीडियो.

संभल के डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि जिले में अवैध कब्जों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. राय बुज़ुर्ग गांव में तालाब की जमीन पर एक बड़ा मैरिज पैलेस बना दिया गया था. इस पर तहसीलदार ने 30 दिन पहले ही ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था. आदेश के बाद किसी भी पक्ष की ओर से अपील दायर नहीं की गई. सभी पक्षों को अदालत में सुना गया और इसके बाद तहसीलदार की अदालत ने आदेश पारित किया. उसी आदेश के तहत आज यह कार्रवाई की जा रही है. डीएम ने कहा कि सभी की राय यही है कि यदि कोई निर्माण अवैध है, तो उसे तोड़ा जाना ही चाहिए.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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