PHOTOS : बारिश के कहर से हिमाचल परेशान, बीते 24 घंटे में चार लोगों की मौत

हिमाचल प्रदेश में बीती रात हुई भारी बारिश के बाद भूस्खलन की घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई और कुछ मकानों के क्षतिग्रस्त होने के अलावा 200 से अधिक सड़कें अवरूद्ध हो गईं.

हिमाचल प्रदेश में बीती रात हुई भारी बारिश के बाद भूस्खलन की घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई और कुछ मकानों के क्षतिग्रस्त होने के अलावा 200 से अधिक सड़कें अवरूद्ध हो गईं. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के 12 में से चार जिलों में “भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश” होने का अनुमान जताते हुए बुधवार को ‘रेड अलर्ट’ जारी किया.

शिमला जिले के पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि बलदेयां इलाके में एक कच्चे मकान में झालो नामक प्रवासी और उनकी पत्नी राजकुमारी का शव मिला. पुलिस अधिकारी ने लोगों से अनावश्यक यात्रा नहीं करने का अनुरोध किया.

मंडी जिले के सेराज के दगोल गांव में भूस्खलन में दो लोगों की मौत हो गई, जिनकी पहचान गांव के निवासी परमानंद (62) और उनके पोते गोपी (14) के रूप में हुई है. मौसम विभाग ने कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के कुछ हिस्सों के लिए दोपहर में रेड अलर्ट जारी किया और 24 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.

इस महीने प्रदेश में बारिश से संबंधित घटनाओं में लगभग 80 लोगों की मौत हुई है, जबकि 24 जून को राज्य में मानसून की शुरुआत के बाद से कुल 227 लोगों की मौत हुई है, जबकि 38 लोग अब भी लापता हैं. बीते दस दिनों में शिमला जिले में बारिश संबंधी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है. इनमें से 17 लोगों की समर हिल इलाके में हुए भूस्खलन में, जबकि पांच की जान फागली और दो की कृष्णा नगर में हुए भूस्खलन में मौत हुई.

शिमला, मंडी और सोलन जिलों में बुधवार से दो दिनों के लिए सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. सोलन जिले में भूस्खलन के चलते कुछ मकानों को भी नुकसान हुआ है. सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सोलन शहर के बाहरी इलाके में स्थित शाकल गांव में मकानों में पानी घुसने से कुछ मकान क्षतिग्रस्त हो गए. भूस्खलन के बाद सबाथू इलाके में कुछ मकानों और वाहनों के क्षतिग्रस्त होने की भी खबर है.

शिमला शहर भूस्खलन और पेड़ों के गिरने से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है. पेड़ गिरने से शहर का प्रमुख कार्ट रोड (सर्कुलर रोड) और शिमला-मेहली बाईपास भी कई स्थानों पर अवरुद्ध हो गया है. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार 200 से अधिक सड़कें अवरुद्ध होने के बाद राज्य में ऐसी सड़कों की कुल संख्या बढ़कर 530 हो गई है. इसमें राष्ट्रीय राजमार्ग-21 (मंडी-कुल्लू रोड) और राष्ट्रीय राजमार्ग 154 (मंडी-पठानकोट) शामिल हैं.

शिमला और चंडीगढ़ को जोड़ने वाला शिमला-कालका राष्ट्रीय राजमार्ग 5 चौकी मोड़ के पास फिर से अवरुद्ध हो गया था, अब इसे हल्के वाहनों के लिए खोल दिया गया है. शिमला शहर के कुछ मकानों में भी दरारें आ गई हैं. शिमला के उपायुक्त आदित्य नेगी ने कहा कि सुरक्षा उपाय के रूप में, शिमला शहर के पंथाघाटी और संजौली इलाकों में घरों को खाली करा लिया गया है और शहर के कुछ हिस्सों में भूस्खलन होने और पेड़ों के उखड़ने की सूचना मिली है.

शिमला में आईएसबीटी के पास खड़ी एक बस भूस्खलन के बाद मलबे में दब गई, जबकि नवबहार, हिमलैंड और अन्य स्थानों के पास भूस्खलन में कई अन्य वाहन क्षतिग्रस्त हो गए. शिमला में देर रात तीन बजे आंधी आई और बिजली गिरी. रात में राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई. बिलासपुर में 181 मिलीमीटर (मिमी) बारिश हुई. इसके बाद बरथिन में 160, शिमला में 132, मंडी में 118, सुंदरनगर में 105, पालमपुर में 91, सोलन में 77 मिमी बारिश हुई. कई जिलों में अब भी भारी बारिश जारी है.

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By Aditya kumar

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