नहीं रहे उत्तराखंड के पूर्व सीएम बीसी खंडूरी; 3 दिनों के राजकीय शोक की घोषणा

BC Khanduri Death: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बी सी खंडूरी का देहरादून में मंगलवार को 91 साल की उम्र में निधन हो गया. उनके निधन पर राज्य में तीन दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की गई है.

BC Khanduri Death: उत्तराखंड सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी के आकस्मिक निधन के बाद, 19 से 21 मई तक तीन दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है. पूर्व मुख्यमंत्री का अंतिम संस्कार कल, 20 मई को पूरे पुलिस सम्मान के साथ किया जाएगा. कल राज्य सरकार के सभी कार्यालय बंद रहेंगे.

राष्ट्रपति ने जताया दुख

भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया. राष्ट्रपति मुर्मू ने एक्स पर पोस्ट किया, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बीसी खंडूरी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है. भारतीय सेना में उत्कृष्ट सेवा देने के बाद उन्होंने जन सेवा के क्षेत्र में ईमानदारी, सादगी, पारदर्शिता और विकास की राजनीति का उदाहरण प्रस्तुत किया. देश के तथा उत्तराखंड के विकास, सुशासन और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव स्मरणीय रहेगी. मैं उनके शोकसंतप्त परिवारजनों और शुभचिंतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करती हूं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख, कहा- भी उनका कार्यकाल सभी के लिए प्रेरणादायक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर शोक व्यक्त किया. मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी जी के निधन से मैं अत्यंत दुखी हूं. सशस्त्र बलों से लेकर राजनीतिक क्षेत्र तक, उन्होंने अमूल्य योगदान दिया, जिसके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि खंडूरी उत्तराखंड के विकास के लिए हमेशा समर्पित रहे, जो उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान स्पष्ट रूप से दिखाई दिया. मोदी ने कहा, केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उनका कार्यकाल सभी के लिए प्रेरणादायक है. उन्होंने देश भर में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए लगातार अथक प्रयास किए. दुख की इस घड़ी में, मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और समर्थकों के साथ हैं. ओम शांति!

भारतीय सेना में जनरल साहब के नाम से फेमस थे बीसी खंडूरी

बीसी खंडूरी भारतीय सेना में जनरल साहब के रूप में विख्यात थे. सेना में इंजीनियर रहे खंडूरी का बीजेपी में महत्वपूर्ण मुकाम तक पहुंचना महज एक संयोग ही था क्योंकि 1991 में पौड़ी गढ़वाल लोकसभा सीट से टिकट की पार्टी की पेशकश को पहले उन्होंने ठुकरा दिया था. इसके कारणों का खुलासा करते हुए खंडूरी ने स्वयं बताया था कि इस सीट से उनके ममेरे भाई विजय बहुगुणा को कांग्रेस के टिकट पर चुनाव में उतारे जाने की संभावना थी और वह उन्हें चुनौती नहीं देना चाहते थे. हालांकि, बाद में ऐन वक्त पर विजय बहुगणा को टिकट नहीं मिला जिसके बाद खंडूरी ने भाजपा प्रत्याशी के रूप में सीट से पर्चा भरा.

खंडूरी दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे

एक अक्टूबर 1934 को जन्मे खंडूरी ने 1991 के बाद इस सीट का प्रतिनिधित्व 1998, 1999, 2004 और 2014 में भी किया. इसके अलावा 2007-2012 के बीच वह दो बार राज्य के मुख्यमंत्री भी रहे.

अटल बिहारी वाजपेयी मंत्रिमंडल में मंत्री रहे थे खंडूरी

2000 में, अटल बिहारी वाजपेयी मंत्रिमंडल में खंडूरी को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया और तीन वर्ष बाद उन्हें कैबिनेट मंत्री के रूप में पदोन्नत किया गया. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री के रूप में उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की राष्ट्रीय राजमार्ग विकास योजना को जमीन पर उतारा और देश के प्रमुख शहरों को जोड़ने वाली स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना और उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम गलियारा परियोजना को आकार दिया.

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By Arbindkumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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