Parliament Session : एलपीजी के मुद्दे पर शुक्रवार (13 मार्च) को विपक्ष ने लोकसभा में हंगामा किया. एक बार के स्थगन (कुछ समय के लिए कार्यवाही को रोकना) के बाद जब कार्यवाही दोबारा 12 बजे शुरू हुई, तो हंगामा और बढ़ गया. इसके बाद कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
प्रश्नकाल शुरू होने के बाद शुरू हुआ हंगामा
इससे पहले लोकसभा की बैठक शुरू होने के करीब तीन मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराया. इसी दौरान कांग्रेस के सदस्य अपने स्थान पर खड़े होकर देश में एलपीजी गैस की कथित कमी का मुद्दा उठाने लगे. कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल को इस मुद्दे पर कार्यस्थगन प्रस्ताव (जरूरी मुद्दे पर तुरंत चर्चा करने की मांग) का नोटिस दिए जाने की बात कहते सुना गया.
ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों से क्या कहा?
सदन में हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आप लोग अक्सर कहते हैं कि बोलने का मौका नहीं मिलता. लेकिन जब आपको बोलने का समय और मौका दिया जाता है, तब आप अपनी बात रखने के बजाय हंगामा करते हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह सदन में बार-बार गतिरोध पैदा करना ठीक नहीं है.
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जब विपक्ष के सांसदों ने अपने आठ साथियों के निलंबन का मुद्दा उठाया तो हंगामा और बढ़ गया. इस पर अध्यक्ष ने कहा कि अगर आप लोग सदन की मेजों पर चढ़ेंगे तो कार्रवाई तो होगी ही, यह बिल्कुल साफ है.
संसद में तुरंत बयान दें पीएम मोदी : टीएमसी
सदन के बाहर टीएमसी सांसद जून मालिया ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात की. उन्होंने कहा कि देश में गैस की बड़ी समस्या देखने को मिल रही है. इसकी वजह से कई रेस्टोरेंट तक बंद हो गए हैं. बंगाल में पहले गैस सिलेंडर के लिए करीब 21 दिन इंतजार करना पड़ता था, जो अब बढ़कर 25 दिन हो गया है. वहीं गांवों में यह समय 47 दिन तक पहुंच गया है. टीएमसी ने मांग की कि पीएम मोदी इस मुद्दे पर संसद में तुरंत बयान दें.
