UGC New Rules : सुप्रीम कोर्ट ने 13 जनवरी 2026 को अधिसूचित विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा) विनियमों पर रोक लगा दी है. इन नियमों को कई याचिकाकर्ताओं ने मनमाना और भेदभावपूर्ण बताते हुए चुनौती दी थी. याचिकाओं में कहा गया कि ये नियम संविधान और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, 1956 का उल्लंघन करते हैं. कोर्ट ने अगली सुनवाई तक इन पर स्थगन आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिलहाल 2012 में अधिसूचित यूजीसी विनियम ही लागू रहेंगे.
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जे. बागची की पीठ ने विनियमन को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर केंद्र और यूजीसी को नोटिस जारी किए. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि यूजीसी विनियमन के विरुद्ध याचिकाओं पर हम केवल संवैधानिकता और वैधता के आधार पर इसकी जांच कर रहे हैं. भारत की एकता हमारे शैक्षणिक संस्थानों में झलकनी चाहिए. यह कहकर कोर्ट ने जातिगत भेदभाव की परिभाषा से संबंधित यूजीसी के नियम पर रोक लगा दी.
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याचिकाओं की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम शैक्षणिक संस्थानों में स्वतंत्र, न्यायसंगत और समावेशी वातावरण चाहते हैं.
मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी
याचिकाकर्ता के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने हाल में बनाए गए यूजीसी नियमों को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुनवाई की. कोर्ट ने इन नियमों पर रोक लगाते हुए उन्हें फिलहाल स्थगित कर दिया है. साथ ही निर्देश दिया है कि आगे के आदेश तक यूजीसी रेगुलेशंस 2012 ही लागू रहेंगे. मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी.
देश में विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए
इन नियमों के खिलाफ देश में विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए जिसमें छात्र समूहों और संगठनों ने इन्हें तत्काल वापस लेने की मांग की.
