Waqf Amendment Act: वक्फ संशोधन एक्ट को मिलेगी एक और चुनौती! सुप्रीम कोर्ट जाएंगे यह मुस्लिम विधायक, BJP नेता के घर जलाने की कड़ी निंदी की

Waqf Amendment Act: वक्फ संशोधन बिल अब कानून बन चुका है, लेकिन देशभर में इसके विरोध की आग ठंडी नहीं हो रही है. देश के कई हिस्सों में मुस्लिम नेता और आम लोग इसके विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं. मणिपुर के विधायक शेख नुरूल हसन ने भी इस कानून की खिलाफत की है. उन्हें एक्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है.

Waqf Amendment Act: मणिपुर के विधायक शेख नुरूल हसन ने सोमवार को वक्फ संशोधन कानून 2025 को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है. एक वीडियो संदेश में उन्होंने इसकी घोषणा की है. नेशनल पीपुल्स पार्टी के विधायक हसन ने अपने वीडियो संदेश में कहा “वक्फ संशोधन कानून 2025 मुसलमानों के अधिकारों का उल्लंघन करता है. मैं व्यक्तिगत रूप से इसकी आलोचना करता हूं और इस कानून को खारिज करता हूं. मैं इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दूंगा.” वक्फ संशोधन कानून के लागू होने के बाद देश के कई इलाकों में इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे है. कई विपक्षी दल इस कानून के खिलाफ खड़े हैं.

अल्पसंख्यक नेता का घर जलाने की कड़ी निंदा की

उन्होंने मणिपुर के थौबल में उग्र भीड़ के बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष असकर अली के घर में तोड़फोड़ और आगजनी की भी निंदा की. उन्होंने पूरी घटना को गलत करार दिया. कहा कि विरोध का यह तरीका ठीक नहीं है. इससे पहले बीजेपी की ओर से भी इस घटना की कड़ी निंदा की है. आगजनी के बाद बीजेपी प्रदेश इकाई ने बयान जारी कर घटना की आलोचना की साथ ही आश्वस्त किया कि इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटना भविष्य में दोबारा नहीं होगी. वहीं, घटना के बाद असकर अली ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर अपने पहले के बयान के लिए माफी मांगी है.

लिलोंग में निषेधाज्ञा लागू

भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा की मणिपुर इकाई के अध्यक्ष मोहम्मद असकर अली के घर में आगजनी की घटना के बाद थौबल जिला प्रशासन ने सोमवार को पूरे लिलोंग विधानसभा क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है. जिलाधिकारी के जारी आदेश में पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने और लोगों के आग्नेयास्त्र, तलवार, लाठी, पत्थर या अन्य घातक हथियार ले जाने पर रोक लगा दी गई है.

कानून बन चुका है वक्फ संशोधन विधेयक

वक्फ संशोधन विधेयक संसद के दोनों सदनों में पारित किया जा चुका है. लोकसभा में पारित होने के बाद अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने गुरुवार को राज्यसभा में यह विधेयक पेश किया था. करीब 13 घंटे की चर्चा के बाद मंजूरी दे दी गई. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को विधेयक को मंजूरी दे दी, जिसके बाद यह कानून बन गया.

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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