स्कूल में अब छात्र नहीं बना पाएंगे वीडियो और रील्स

No Reels In School : शिक्षा निदेशालय ने बुधवार को जारी एक आदेश में कहा कि निदेशालय को इस बात की जानकारी मिली है कि स्कूल परिसर में मनोरंजन के लिए ‘शॉर्ट वीडियो’ बनाए जा रहे हैं और विद्यालय प्रमुखों को कक्षा के समय के दौरान ऐसी गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगानी चाहिए.

No Reels In School : दिल्ली सरकार ने सभी स्कूलों को यह निर्देश दिया है कि वे इस बात का ध्यान रखें कि स्टूटेंड,टीचर और कर्मचारी स्कूल के समय के दौरान रील या ‘शॉर्ट वीडियो’ न बनाएं. दिल्ली सरकार ने कहा है कि इस तरह की गतिविधियों से स्कूल का माहौल खराब होता है जिसकी वजह से शिक्षण कार्य प्रभावित होता है और अनुशासन पर भी प्रभावित होता है.


शिक्षा निदेशालय ने बुधवार को जारी एक आदेश में कहा कि निदेशालय को इस बात की जानकारी मिली है कि स्कूल परिसर में मनोरंजन के लिए ‘शॉर्ट वीडियो’ बनाए जा रहे हैं और विद्यालय प्रमुखों को कक्षा के समय के दौरान ऐसी गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगानी चाहिए.


निर्देश में इस बात पर बल दिया गया कि शिक्षण प्रक्रिया को बाधित करने या विद्यार्थियों का ध्यान भटकाने वाली किसी भी गतिविधि पर रोक लगाई जानी चाहिए, संस्थानों की मर्यादा व गरिमा बनाए रखी जानी चाहिए और शिक्षा पर ही ध्यान केंद्रित रहना चाहिए.


विभाग ने कहा हालांकि सक्षम प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति और शिक्षक की देखरेख में ‘शैक्षणिक, सांस्कृतिक या जागरूकता संबंधी विषयों’ से संबंधित सामग्री बनाई जा सकती है बशर्ते कि शैक्षणिक गतिविधियों में कोई बाधा न आए और विद्यार्थियों की सुरक्षा व गोपनीयता का ध्यान रखा जाए.
निर्देश में यह भी बताया गया कि विद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार की अनुचित, गैर-शैक्षणिक या प्रचार सामग्री रिकॉर्ड नहीं की जानी चाहिए.


विभाग ने कहा, सभी विद्यालय प्रमुखों को इन निर्देशों को कर्मचारियों व विद्यार्थियों तक पहुंचाने और इनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्देशों ना मानने पर गंभीर कार्रवाई की जाएगी.

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लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

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