शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) अब हमलावर की भूमिका में दिख रहे हैं. एकनाथ सिंदे ने मंगलवार को ट्वीट करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के बेटे आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) और प्रवक्ता संजय राउत ने अक्सर शिवसेना विधायकों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और दूसरी तरफ वे हिंदू विरोधी एमवीए सरकार को बचाने के लिए समर्थन मांग रहे हैं. उन्होंने कहा, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के वैचारिक रूप से समान पार्टी भाजपा से अलग होने और राकांपा तथा कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने के फैसले का उन्होंने समर्थन नहीं किया था.
उद्धव ठाकरे को चिंता करने की आवश्यकता नहीं- शिंदे
शिंदे ने कहा कि गुवाहाटी में मौजूद विधायकों को लेकर उद्धव ठाकरे को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है. सभी विधायक खुश एवं सकुशल हैं. कोई भी व्यक्तिगत लाभ के लिए यहां नहीं आया है. उन्होंने कहा, हम बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्व के बारे में बात कर रहे हैं और हम इसे आगे बढ़ा रहे हैं. हम शिवसेना में हैं और हम शिवसेना को ही आगे लेकर जा रहे हैं.
संजय राउन ने की बागी विधायकों की खिंचाई
इधर शिवसेना सांसद संजय राउत ने उस दावे को लेकर पार्टी के बागी विधायकों की खिंचाई की है, जिसमें कहा गया है कि वे पार्टी की हिंदुत्व की छवि को बचाने के लिए लड़ रहे हैं. उन्होंने कहा, बागी विधायकों में से 20 राष्ट्रवादी कांग्रेस से शिवसेना में आए हैं. वे किस हिंदुत्व की बात कर रहे हैं. उन्होंने कहा एकनाथ शिंदे का समर्थन करने वाले बागी विधायक कह रहे हैं कि उनका मकसद पार्टी संस्थापक बालासाहेब ठाकरे द्वारा परिकल्पित हिंदुत्व की रक्षा करना है. बालासाहेब ठाकरे का विरोध करने वालों ने अपना करियर बर्बाद कर लिया.
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एक बार फिर ठाकरे ने विधायकों से की मुंबई आने की अपील
पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी मंगलवार को गुवाहाटी में डेरा डाले असंतुष्ट विधायकों से मुंबई लौटने तथा उनसे बातचीत करने की अपील की है. ठाकरे ने ऐसे वक्त टिप्पणी की है जब शिवसेना के कुछ नेताओं, खासकर संजय राउत द्वारा दिए गए विवादास्पद बयानों से हंगामा मच गया. राउत ने कहा था कि 40 शव मुंबई आएंगे.
