Shubhanshu Shukla Undock: अंतरिक्ष से शुभांशु शुक्ला की विदाई, बताया स्पेस से कैसा दिखता है अपना भारत, देखें वीडियो

Shubhanshu Shukla Undock: भारत के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की स्पेस सेंटर से वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. 15 जुलाई को वो अपनी टीम के साथ पृथ्वी पर लौट आएंगे. अनडॉकिंग से पहले ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के साथ एक्सिओम-4 मिशन के अन्य साथियों को स्पेस सेंटर से विदाई दी गई. शुभांशु और उनकी टीम 14 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से अनडॉक होने वाले हैं. विदाई समारोह में शुभांशु ने बताया कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है.

Shubhanshu Shukla Undock: अंतरक्षि से पृथ्वी में वापसी से पहले अंतरराष्ट्रीय स्पेस सेंटर में विदाई समारोह किया गया, जिसमें ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने भारतीयों को संबोधित किया. उन्होंने कहा, “यह एक अविश्वसनीय यात्रा रही है. 25 जून को जब मैंने फाल्कन 9 पर यात्रा शुरू की थी, तब मैंने इसकी कल्पना भी नहीं की थी. इस मिशन से जुड़े लोगों की वजह से यह विशेष बन गया है. मैं अपने देश और उसके सभी नागरिकों को इस मिशन और मेरा समर्थन करने के लिए धन्यवाद देता हूं. मैं इसे संभव बनाने के लिए इसरो को धन्यवाद देता हूं. मैं नासा और उसके अंतर्राष्ट्रीय सहयोगियों, एक्सिओम स्पेस और स्पेसएक्स को धन्यवाद देता हूं.”

शुभांशु ने बताया, अंतरिक्ष से कैसा दिखता है अपना भारत

अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने रविवार को कहा कि भारत अंतरिक्ष से महत्वाकांक्षा, निडरता, आत्मविश्वास और गर्व से भरा नजर आता है. शुक्ला ने भारत के प्रथम अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा के 1984 में कहे शब्दों को दोहराते हुए कहा, ‘‘आज भी भारत ऊपर से ‘सारे जहां से अच्छा’ दिखता है.’’ शुक्ला ने कहा, ‘‘यह मुझे जादुई सा लगता है… यह मेरे लिए एक शानदार यात्रा रही है.’’ भारतीय अंतरिक्ष यात्री ने कहा कि वह अपने साथ बहुत सारी यादें और सीख लेकर जा रहे हैं, जिन्हें वह अपने देशवासियों के साथ साझा करेंगे.

आईएसएस ने शुभांशु ने गुजारे 18 दिन

आईएसएस पर 18 दिन के गहन वैज्ञानिक प्रयोगों के बाद शुभांशु शुक्ला और ‘एक्सिओम-4’ मिशन के तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों की विदाई का समय आ गया है और वे सोमवार को पृथ्वी के लिए अपनी वापसी यात्रा शुरू करेंगे. शुक्ला और तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री- कमांडर पैगी व्हिटसन, पोलैंड एवं हंगरी के मिशन विशेषज्ञ स्लावोज उज्नान्स्की-विस्नीव्स्की और टिबोर कापू, ‘एक्सिओम-4 मिशन’ के तहत 26 जून को अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे थे.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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