राहुल गांधी के भक्त-चेलों…जानें शर्मिष्ठा मुखर्जी ने क्यों कह दी ये बात

Sharmistha Mukherjee : पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने राहुल गांधी पर कटाक्ष किया है. राहुल के करीबियों को उन्होंने 'भक्त-चेले' कह दिया.

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी कांग्रेस नेता राहुल गांधी के करीबियों से नाराज चल रहीं हैं. राहुल के वफादारों की उन्होंने आलोचना की. यही नहीं सोमवार को अपने ही भाई अभिजीत मुखर्जी पर पलटवार किया. कुछ दिन पहले शर्मिष्ठा ने आरोप लगाया था कि उनके पिता के निधन के बाद सीडब्ल्यूसी की कोई बैठक नहीं बुलाई गई. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट किया जिसमें राहुल गांधी के करीबियों को ‘भक्त-चेले’ कहा.

शर्मिष्ठा मुखर्जी ने एक्स पर क्या लिखा?

शर्मिष्ठा मुखर्जी ने एक्स पर लिखा- राहुल गांधी के भक्त-चेले, जो मेरे पिता के आरएसएस दफ्तर जाने के बाद उन्हें ‘संघी’ कहते नजर आए. मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि वे अपने नेता से पूछें कि उन्होंने संसद में नरेंद्र मोदी को क्यों गले लगाया, जिन्हें उनकी मां ने ‘मौत का सौदागर’ कहा था.

अभिजीत मुखर्जी ने शर्मिष्ठा मुखर्जी के दावों को किया खारिज

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पुत्र अभिजीत मुखर्जी ने अपनी बहन शर्मिष्ठा मुखर्जी के दावों को खारिज किया. उन्होंने कहा कि उनके पिता को सार्वजनिक जीवन में देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद समेत जो कुछ हासिल हुआ, वो कांग्रेस की ही देन थी. पूर्व सांसद मुखर्जी ने यह भी कहा कि उनके पिता का निधन कोराना काल में हुआ था. ऐसे में उस समय की कई पाबंदियों के चलते कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक बुलाकर श्रद्धांजलि नहीं दी जा सकी थी, हालांकि बाद में कार्य समिति ने श्रद्धांजलि अर्पित की थी.

ये भी पढ़ें : पिता को सबकुछ कांग्रेस की वजह से मिला : अभिजीत

शर्मिष्ठा मुखर्जी ने क्या किया था दावा

इससे पहले प्रणब मुखर्जी की बेटी ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के निधन के बाद सिंह के सम्मान में कार्य समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित किए जाने का हवाला दिया था. उन्होंने कहा था कि उनके पिता के निधन पर कांग्रेस ने यह नहीं किया था. शर्मिष्ठा ने 27 दिसंबर को ‘एक्स’ पर पोस्ट किया था, ‘‘जब मेरे पिता का निधन हुआ तो कांग्रेस ने शोक सभा के लिए सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाने की भी जहमत नहीं उठाई. एक वरिष्ठ नेता ने मुझसे कहा था कि राष्ट्रपतियों के लिए ऐसा नहीं किया जाता. यह पूरी तरह से गलत बात है. ऐसा इसलिए क्योंकि बाद में मुझे मेरे बाबा की डायरी से पता चला कि केआर नारायणन के निधन पर सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलायी गयी थी. शोक संदेश खुद बाबा ने ही तैयार किया था.’’

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >