Russian Ukraine War:युद्ध प्रभावित यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को उसके पड़ोसी देशों के जरिए स्वदेश वापस लाया जा रहा है. वायुसेना निकासी अभियान में सी-17 सैन्य परिवहन विमान का उपयोग कर रही है. इस बीच, रूस के राजदूत ने रविवार को कहा है कि भारतीयों को रूसी क्षेत्र में ले जाने वाले हमारे विशेष समूह लड़ाई की वजह से भारतीयों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. उन तक पहुंच पाने का कोई रास्ता नहीं है. अब हमें उन जगहों पर मिलना होगा, जहां हमला नहीं हुआ है.
पिछले 24 घंटों में लगभग 2900 भारतीयों के साथ 15 फ्लाइट्स हुई लैंड
इससे पहले विदेश मंत्रालय ने कहा कि पिछले 24 घंटों में लगभग 2900 लोगों के साथ 15 फ्लाइट्स लैंड हुई हैं. इसमें से अब तक 13,300 लोग भारत लौट चुके हैं. अगले 24 घंटों के लिए 13 फ्लाइट्स निर्धारित हैं. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पिसोचिन और खारकीव से हम अगले कुछ घंटों में सभी को बाहर निकाल लेंगे. अभी तक मौजूद जानकारी के मुताबिक, खारकीव में कोई भी नहीं बचा है. अब सुमी पर फोकस किया जा रहा है. हिंसा और परिवहन की कमी एक चुनौती है. इस समय सबसे बढ़िया ऑप्शन सीजफायर है.
24 फरवरी से बंद है यूक्रेनी हवाई क्षेत्र
शनिवार को मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि 15 उड़ानों के जरिए करीब 3,000 भारतीयों को एयरलिफ्ट किया गया. बयान में कहा गया कि इनमें 12 विशेष नागरिक और तीन भारतीय वायु सेना की उड़ानें शामिल हैं. गौरतलब है कि रूस के हमले के बाद 24 फरवरी से यूक्रेनी हवाई क्षेत्र बंद है. यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को उसके पड़ोसी देशों के जरिए स्वदेश वापस लाया जा रहा है. इस अभियान में सी-17 सैन्य परिवहन विमान का उपयोग वायुसेना कर रही है. वहीं, इंडिगो, विस्तारा और स्पाइसजेट जैसी भारतीय विमानन कंपनिया विशेष नागरिक उड़ानों का संचालन कर रही हैं.
