Rahul Gandhi: संसद के विशेष सत्र से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार (15 अप्रैल) को प्रस्तावित संवैधानिक संशोधनों पर कड़ा हमला किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार परिसीमन और चुनावी क्षेत्रों में हेरफेर के जरिए अपने पक्ष में राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है. संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र से एक दिन पहले राहुल गांधी ने एक वीडियो संदेश जारी कर इसे बहुत बड़ा अन्याय कहा. उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार नई जनगणना, जाति जनगणना और ओबीसी आंकड़ों के आधार पर फैसला नहीं लेना चाहती है. सरकार 2011 की पुरानी जनगणना का इस्तेमाल करना चाहती है, जिसमें पिछड़े वर्गों के सही आंकड़े मौजूद नहीं हैं.
जनगणना और ओबीसी हिस्सेदारी पर सवाल
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी सरकार नई जनगणना और जाति आधारित आंकड़ों के आधार पर फैसले नहीं लेना चाहती. उन्होंने कहा कि 2011 की पुरानी जनगणना का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसमें ओबीसी के सही आंकड़े नहीं हैं, और इससे उनकी भागीदारी कम हो सकती है.
बीजेपी-आरएसएस पर निशाना
राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) और बीजेपी घबरा गए हैं, क्योंकि अब जाति जनगणना के आंकड़े सामने आ रहे हैं. उनके मुताबिक, सरकार नहीं चाहती कि आबादी के हिसाब से ओबीसी को अधिकार मिलें.
राहुल गांधी ने परिसीमन को बताया खतरनाक
राहुल गांधी ने प्रस्तावित परिसीमन को खतरनाक बताते हुए कहा कि इससे दक्षिण भारत, छोटे राज्यों और पूर्वोत्तर राज्यों को नुकसान हो सकता है. उन्होंने मांग की कि 2026 की नई जनगणना के आधार पर ही परिसीमन किया जाए. उन्होंने कहा- आप चाहते हैं कि सीटों की संख्या बढ़े और परिसीमन आपकी मर्जी के मुताबिक हो, और पिछड़े वर्ग को कुछ भी न मिले. हम ऐसा नहीं होने देंगे. पुराने आंकड़े काम नहीं करेंगे. केवल 2026 की जाति जनगणना ही काम आएगी.
मौजूदा कानून से लागू करें महिला आरक्षण- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि अगर सरकार महिला आरक्षण लागू करना चाहती है, तो मौजूदा कानून को लागू करे, कांग्रेस इसका समर्थन करेगी. लेकिन ओबीसी, दलित और आदिवासी समाज के अधिकारों से समझौता नहीं होने दिया जाएगा.
राहुल गांधी ने कहा- हिस्सा नहीं छिनने देंगे
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस ओबीसी, दलित और आदिवासी वर्गों का हक नहीं छिनने देगी और सभी को उनकी आबादी के अनुसार पूरा अधिकार मिलना चाहिए. राहुल गांधी ने कहा कि पिछड़े वर्ग की जनसंख्या का 50% है और उन्हें उनका हिस्सा मिलना चाहिए.
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