PHOTOS: 136 दिनों के बाद राहुल गांधी की संसद में हुई धमाकेदार एंट्री, देखें तस्वीरें

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New Delhi: Congress MPs Rahul Gandhi and KC Venugopal arrive at AICC headquarters for a party meeting, in New Delhi, Monday, Aug. 7, 2023. (PTI Photo/Kamal Kishore)(PTI08_07_2023_000196B)

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, राज्यसभा में पार्टी के उप नेता प्रमोद तिवारी, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के एनके प्रेमचंद्रन और कई अन्य विपक्षी सांसदों ने संसद भवन के प्रवेश द्वार पर राहुल गांधी का स्वागत किया.

सुप्रीम कोर्ट द्वारा मोदी सरनेम मामले में सजा पर रोक लगाये जाने के बाद राहुल गांधी की संसद सदस्यता फिर से बहाल हो गयी है. करीब 136 दिनों के बाद लोकसभा सचिवालय ने राहुल की सदस्यता बहाल कर दी.

सदस्यता बहाल होने के बाद राहुल गांधी सोमवार को दोपहर 12 बजे संसद भवन पहुंचे और लोकसभा की कार्यवाही में शामिल हुए. संसद भवन पहुंचने के बाद राहुल गांधी ने सबसे पहले महात्मा गांधी की प्रतिमा को नमन किया और फिर सदन में गए.

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, राज्यसभा में पार्टी के उप नेता प्रमोद तिवारी, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के एनके प्रेमचंद्रन और कई अन्य विपक्षी सांसदों ने संसद भवन के प्रवेश द्वार पर राहुल गांधी का स्वागत किया.

विपक्षी सांसदों ने ‘राहुल गांधी संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं’ और ‘राहुल गांधी जिंदाबाद’ के नारे लगाए.

राहुल गांधी ने अप्रैल 2019 में कर्नाटक की एक रैली में मोदी सरनेम पर टिप्पणी करते हुए चोरों से जोड़ दिया था. उसके बाद बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी ने इसकी शिकायत की.

शिकायत के चार साल के बाद मार्च 2023 में सूरत की कोर्ट ने राहुल गांधी को दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई. सजा सुनाये जाने के 26 घंटे बाद राहुल गांधी की संसद सदस्यता समाप्त कर दी गयी. इस फैसले को राहुल गांधी ने निजली अदालत में चुनौती दी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया.

फिर राहुल ने फैसले का गुजरात हाई कोर्ट में चुनौती दी. वहां से भी राहुल गांधी को निराशा हाथ लगी. आखिरकार राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए निजली अदालत के फैसले और हाई कोर्ट के सजा बहाली वाले फैसले पर सख्त टिप्पणी की और सजा पर रोक लगा दिया.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

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