Rahul Gandhi Economic Storm Warning: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि देश जल्द ही एक बड़े आर्थिक संकट का सामना कर सकता है और इसका सबसे ज्यादा असर आम जनता पर पड़ेगा. अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दौरे के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तैयार की गई आर्थिक व्यवस्था लंबे समय तक टिक नहीं पाएगी.
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा आर्थिक ढांचा कुछ चुनिंदा बड़े उद्योगपतियों के फायदे के लिए बनाया गया है, जबकि आम लोग लगातार दबाव में आ रहे हैं. राहुल गांधी ने कहा कि आने वाला आर्थिक संकट बड़े उद्योगपतियों पर असर नहीं डालेगा, बल्कि इसका सीधा असर उत्तर प्रदेश के युवाओं, किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों पर होगा.
उन्होंने कहा, ‘मैं कई दिनों से कह रहा हूं कि मोदी जी ने जिस तरह देश की आर्थिक संरचना बदली है, उससे एक बड़ा आर्थिक तूफान आने वाला है. अडानी और अंबानी के पक्ष में जो ढांचा खड़ा किया गया है, वह ज्यादा दिन नहीं चलेगा और अंत में पूरी तरह ढह जाएगा.’ राहुल गांधी ने आगे कहा कि बड़े कारोबारी और सत्ता में बैठे लोग सुरक्षित रहेंगे, लेकिन आम जनता को इस संकट की सबसे बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी.
पीएम मोदी के विदेश दौरों पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार विदेश दौरों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘एक तरफ नरेंद्र मोदी लोगों से विदेश यात्राएं कम करने की बात कर रहे हैं, दूसरी तरफ खुद पूरी दुनिया घूम रहे हैं. लेकिन देश के अंदर मौजूद आर्थिक समस्याओं पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा.’ राहुल गांधी ने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाला समय बेहद कठिन हो सकता है और कई वर्षों में ऐसा बड़ा आर्थिक दबाव शायद पहली बार देखने को मिले.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सरकार पर बोला हमला
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार को घेरा और इसे ‘मोदी सरकार की बनाई हुई आर्थिक परेशानी’ बताया. खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नीतिगत विफलताओं का बोझ आम जनता पर डाल रही है, जबकि बड़े कॉरपोरेट समूहों को राहत दी जा रही है. उन्होंने कहा, ‘कीमतें बढ़ाने के कुछ ही दिनों बाद सरकार ने फिर पेट्रोल-डीजल महंगा कर दिया. जनता पर बोझ डाला जा रहा है और कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाया जा रहा है.’
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पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से बढ़ी चिंता
देशभर में ईंधन की कीमतें बढ़ने के बाद लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है. मंगलवार को सरकार द्वारा ईंधन कीमतों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर तक बढ़ोतरी की गई. दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपये से बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गई. वहीं डीजल 90.67 रुपये से बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया.
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पश्चिम एशिया संकट का असर भारत पर भी
वैश्विक ऊर्जा बाजारों में इन दिनों भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव और सैन्य कार्रवाइयों के कारण तेल सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है. क्रिसिल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पेट्रोलियम निर्यात में कमजोरी की वजह से भारत का ऑयल ट्रेड डेफिसिट वित्त वर्ष 2027 में और बढ़ सकता है. आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की तेल आयात पर भारी निर्भरता आने वाले समय में आर्थिक दबाव को और बढ़ा सकती है.
