कांग्रेस अध्यक्ष की दावेदारी पर बोले राहुल गांधी, कहा- तय कर चुका हूं क्या करना है, अभी इंतजार करिये

कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए 24 सितंबर से नामांकन दाखिल किया जाएगा और एक से अधिक उम्मीदवार होने पर 17 अक्टूबर को चुनाव होगा. यह पूछे जाने पर क्या उनकी इस यात्रा से विपक्षी एकजुटता को बल मिलेगा, तो उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर इस यात्रा से विपक्ष को साथ लाने में मदद मिलेगी

Rahul Gandhi: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भारत जोड़ो अभियान पर हैं. पार्टी के इस अभियान को लेकर वो तमिलनाडु पहुंचे हैं. इस दौरान एक प्रेस कॉफ्रेंस के दौरान उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया. यह पूछे जाने पर क्या वह पार्टी अध्यक्ष का पद संभालेंगे इसपर राहुल गांधी ने कहा, मैं अध्यक्ष बनूंगा या नहीं बनूंगा, चुनाव होने पर साफ हो जाएगा. तब तक इंतजार करिये. उन्होंने कहा कि अगर मैं चुनाव में खड़ा नहीं हुआ तो मुझसे पूछिएगा, मैं आपके सवाल का जवाब दूंगा. वहीं, अध्यक्ष पद उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा, ‘मैं अपना फैसला स्पष्ट रूप से कर चुका हूं कि मैं क्या करने का जा रहा हूं.” राहुल गांधी ने ऐसे समय यह बयान दिया है जब कुछ दिनों पहले ही अध्यक्ष पद के चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा हुई है.

विपक्ष को साथ लाने में मिलेगी मदद: कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए 24 सितंबर से नामांकन दाखिल किया जाएगा और एक से अधिक उम्मीदवार होने पर 17 अक्टूबर को चुनाव होगा. यह पूछे जाने पर क्या उनकी इस यात्रा से विपक्षी एकजुटता को बल मिलेगा, तो उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर इस यात्रा से विपक्ष को साथ लाने में मदद मिलेगी, लेकिन यह यात्रा एक अलग कवायद है.” उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि यह विपक्षी दलों की जिम्मेदारी है कि वे साथ आएं.

राहुल गांधी ने कहा, ‘‘हर राजनीतिक दल की भूमिका है. सिर्फ कांग्रेस ही एकमात्र पार्टी नहीं है. इसमें हर पार्टी की भूमिका है और इसको लेकर बातचीत चल रही है.” उन्होंने दावा किया कि देश धर्म के आधार पर और राज्यों के आधार पर बंट गया है, महंगाई और बेरोजगारी है, यह सब बातें सद्भावना के प्रतिकूल हैं. कांग्रेस नेता ने कहा कि पदयात्रा यह समझने की कोशिश है कि जमीनी स्तर पर क्या हो रहा है और साथ ही यह, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा किए गए नुकसान की भरपाई की कोशिश है.

बीजेपी आरएसएस पर निशाना: राहुल गांधी ने कहा, “इस यात्रा के लिए भाजपा और आरएसएस के अपने मत हो सकते हैं, लेकिन उनकी विचारधारा ने देश का जो नुकसान किया है, देश में जिस प्रकार नफरत फैलाई है, हमारी यह यात्रा उसके खिलाफ है.” उन्होंने कहा कि सभी संस्थाएं अब भाजपा के नियंत्रण में हैं और उनका विपक्ष पर दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. राहुल गांधी ने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए कोई संदेश देने के सवाल पर कहा, ‘‘मेरे पास कोई संदेश नहीं है.” उन्होंने आरोप लगाया, “भाजपा ने सरकारी संस्थानों को अपने नियंत्रण में ले लिया है.

सीबीआई और ईडी की कार्यशैली पर सवाल: सीबीआई और ईडी की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में आ गई है. आज हालात यह हैं कि हम सिर्फ एक राजनीतिक पार्टी के खिलाफ नहीं लड़ रहे, पूरी राज्य व्यवस्था से लड़ रहे हैं.” राजपथ का नाम बदले जाने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि जिनके पास भविष्य को लेकर कोई नजरिया नहीं होता वो गड़े मुर्दे उखाड़ते रहते हैं. राहुल गांधी ने कहा कि अतीत में झांकने से नहीं, वर्तमान में कदम उठाने से देश बचेगा.

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