Pune Minor Murder Case: नाबालिग से दुष्कर्म-हत्या मामले में 65 साल के आरोपी को गिरफ्तार किया गया. इस घटना के बाद इलाके में उग्र प्रदर्शन शुरू हो गये. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पेशे से मजदूर आरोपी शुक्रवार को खाना खिलाने का लालच देकर बच्ची को मवेशियों के बाड़े में ले गया और उसका यौन उत्पीड़न किया. उन्होंने बताया कि आरोपी ने बाद में पत्थर से वार कर बच्ची की हत्या कर दी.
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी को एक घर के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किया गया. फुटेज में आरोपी बच्ची के साथ नजर आया था.
7 मई तक आरोपी पुलिस हिरासत में
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. आरोपी को पुणे के सत्र न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे सात मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.
घटना से भोर क्षेत्र में भारी आक्रोश
मराठा संगठनों के सदस्यों ने अदालत परिसर में आरोपी को ले जा रहे पुलिस वाहन को रोकने की कोशिश की. इस घटना से भोर क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया, सैकड़ों ग्रामीण स्थानीय चौकी पर जमा हो गए और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे. उन्होंने मुंबई-बेंगलुरु राजमार्ग को भी जाम कर दिया.
आरोपी को जल्द मिलेगी सजा, सुनवाई में तेजी लाई जाएगी: पुलिस अधीक्षक
पुणे (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले में 15 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल कर दिया जाएगा और सुनवाई में तेजी लाई जाएगी. आरोपी का आपराधिक इतिहास है, उसके खिलाफ 1998 और 2015 में मामले दर्ज किए गए थे. दोनों मामलों में उसे बरी कर दिया गया था. वह एक मजदूर है और आमतौर पर गांव में घूमता रहता है और कभी-कभार काम करता है.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना को बेहद शर्मनाक बताया, कहा- आरोपी को दिलाएंगे मौत की सजा
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना को बेहद शर्मनाक व गहरा दुखदायी बताया और त्वरित सुनवाई का वादा किया. उन्होंने कहा, हम हाई कोर्ट से विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने का अनुरोध करेंगे. आरोपी को जल्द से जल्द मौत की सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा.
अनिल देशमुख ने आरोपी के लिए मौत की सजा की मांग की
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP)-शरदचंद्र पवार (शप) नेता और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने इस घटना को ‘बेहद निंदनीय’ बताते हुए आरोपी के लिए मौत की सजा की मांग की. उन्होंने कहा, ऐसे अपराधी समाज में खुलेआम कैसे घूम रहे हैं? जब मैं महा विकास आघाडी सरकार में गृह मंत्री था, तब हमने शक्ति अधिनियम (महिलाओं के खिलाफ अपराधों के लिए कठोर सजा का प्रावधान) लागू किया था, जिसे केंद्र सरकार की अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है. इस कानून की सख्त जरूरत है लेकिन केंद्र और राज्य सरकारें इसे लागू करने के बजाय एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रही हैं. देशमुख ने कहा, अगर यह सख्त कानून लागू होता, तो इस दरिंदे (आरोपी) को 15 दिनों के भीतर मौत की सजा मिल जाती.
