अभिनत्री मीरा चौपड़ा के वैक्सीन को लेकर राजनीति तेज हो रही है. अभिनेत्री की वैक्सीन पर राजनीति के पीछे का कारण है उन पर लग रहे आरोप जिसमें कहा गया है कि वैक्सीन लेने के लिए उन्होंने खुद को फ्रंट लाइन वर्कर बताया है.
भाजपा ने शनिवार को इस मामले में एक पहचान पत्र जारी किया है जिसमें मीरा चोपड़ा को निजी फर्म ने सुपरवाइजर के रूप में उनकी पहचान बतायी गयी. इसी आधार पर उन्होंने ‘फ्रंटलाइन वर्कर’ की कैटेगरी के तहत वैक्सीन दी गयी.
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इस पूरे मामले पर अब जांच के आदेश दिये गये हैं. ठाणे नगर निगम ने इस मामले की पड़ताल शुरू कर दी है. भाजपा के नेताओं ने इस मामले में जांच की मांग की है और उन पर सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की है.
इस पूरे मामले में जांच कर पता लगाने का आदेश दिया गया है कि अभिनेत्री ने क्या खुद को फ्रंट लाइन वर्कर बताया कर टीका लगवाया है. इस पूरे मामले में 3 दिनों के अंदर जांच कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है. अगर इस मामले में आरोप साबित होते हैं तो मीरा पर कार्रवाई भी की जा सकती है. दूसरी तरफ मीरा चोपड़ा ने आरोपों का खंडन किया है.
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इस मामले पर उन्होंने सोशल मीडिया टि्वटर का इस्तेमाल कर अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा, मुझसे रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड मांगा गया था. मैंने केवल अपना आधार कार्ड दिया था. बिना सिग्नेचर के कोई आईडी वैलिड नहीं होती है. मैं ऐसे किसी भी प्रैक्टिस की निंदा करती हूं और यदि ऐसी कोई आईडी बनाई जा सकती है, तो मैं खुद जानना चाहती हूं कि यह कैसे हो सकता है.
