किसान सम्मान निधि की 14वीं किस्त जारी कर बोले पीएम मोदी- सरकार किसानों का दुख-दर्द समझती है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसान की मेहनत मिटी से सोना उगाती है. नौ साल में केंद्र सरकार ने किसानों के हित में फैसले लिये हैं और किसानों को बीज से बाजार तक उपलब्ध कराया है. पीएम मोदी ने कहा कि देश में और भी किसान समृद्धि केंद्र खोले जायेंगे.

आज केंद्र में जो सरकार है, वो किसानों का हित चाहती है. ये सरकार उनका दुख-दर्द समझती है. सरकार ये चाहती है कि किसानों के खर्च कम हों. इसी उद्देश्य से किसान समृद्धि केंद्र देशभर में खोले जा रहे हैं. किसानों की छोटी-मोटी जरूरतें पूरी करने के लिए सरकार सीधे उनके खाते में ट्रांसफर करती है. आज नौ करोड़ किसानों के खाते में किसान सम्मान निधि योजना के करीब 18 करोड़ रुपये ट्रांसफर किये गये हैं. उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राजस्थान के सीकर में 1.25 लाख किसान समृद्धि केंद्र की शुरुआत करते हुए कही.

नौ साल में केंद्र सरकार ने किसानों के हित में फैसले किये

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसान की मेहनत मिटी से सोना उगाती है. नौ साल में केंद्र सरकार ने किसानों के हित में फैसले लिये हैं और किसानों को बीज से बाजार तक उपलब्ध कराया है. पीएम मोदी ने कहा कि देश में और भी किसान समृद्धि केंद्र खोले जायेंगे. उन्होंने कहा कि इस केंद्र में खेती से जुड़ी हर जानकारी दी जायेगी. पीएम मोदी ने कहा कि किसानों को किसान समृद्धि केंद्र जाने की आदत डालनी चाहिए, ताकि उन्हें यह पता रहे कि केंद्र में क्या चल रहा है और वे ये भी जान सकें कि कृषि के क्षेत्र में क्या नया हो रहा है.

गांव का विकास होगा तभी देश का विकास संभव

पीएम मोदी ने आज राजस्थान को कई अन्य सौगात भी दी जो शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े हैं. पीएम मोदी ने कहा कि हमारा यह मकसद है कि छोटे शहरों में भी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों. पीएम मोदी ने मेडिकल काॅलेज की शुरुआत की साथ ही एकलव्य माॅडल स्कूल की भी शुरुआत की. उन्होंने कहा कि देश का विकास तभी संभव है, जब गांव का विकास होगा. पीएम मोदी ने कहा कि राजस्थान में इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर करने की कोशिश जारी है और यह मोदी की गारंटी है कि किसानों को उनका सम्मान और स्वास्थ्य सुविधा मिले. पीएम मोदी ने कहा कि राजस्थान के मोटे अनाजों को हमने श्रीअन्न के रूप में पहचान दी है और जब मैं अमेरिका दौरे पर था, तो वहां राष्ट्रपति बाइडेन ने जो भोज आयोजित किया था उसमें मोटे अनाजों को भी शामिल किया गया था.

अशोक गहलोत के ट्‌वीट का पीएम मोदी ने दिया जवाब

अशोक गहलोत के ट्वीट के जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को आज इस कार्यक्रम में शामिल होना था, लेकिन वे खराब स्वास्थ्य की वजह से इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाये. पीएम मोदी ने कहा कि मुझे जानकारी मिली है कि उनके पैर में कुछ तकलीफ है, मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. गौरतलब है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज सुबह यह ट्‌वीट किया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से उनके तीन मिनट के भाषण को हटा दिया है, इसलिए वे भाषण के जरिये प्रधानमंत्री का स्वागत नहीं कर पायेंगे. अशोक गहलोत ने लिखा कि वे ट्‌वीट करके प्रधानमंत्री का स्वागत कर रहे हैं. अशोक गहलोत के इस ट्‌वीट पर पीएमओ की ओर से यह कहा गया कि उन्हें आमंत्रित किया गया था और उनका भाषण कार्यक्रम से तब हटाया गया जब सीएमओ ने यह जानकारी दी कि उनकी तबीयत खराब है और वे कार्यक्रम में शिरकत नहीं कर पायेंगे.

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यूरिया गोल्ड की हुई शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि वीरों की भूमि शेखावटी से देश के लिए अनेक विकास परियोजनाओं को शुरू करने का अवसर मिला है. आज यहां से देश के करोड़ों किसानों को पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत करीब 18 हजार करोड़ रुपये भेजे गये हैं. साथ ही आज देश में सवा लाख पीएम किसान समृद्धि केंद्रों की शुरूआत की गई है. आज 1.5 हजार से अधिक APO के लिए हमारे किसानों के लिए ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स का लोकार्पण भी हुआ है. साथ ही देश के किसानों के लिए एक नया यूरिया गोल्ड भी शुरू किया गया है, जिसका मकसद सस्ती दर पर किसानों को यूरिया उपलब्ध कराना है. इस मौके पर पीएम मोदी ने कई देशों में यूरिया की कीमत का जिक्र भी किया.

सीकर की धरती से कांग्रेस पर किया हमला

किसान सम्मान निधि योजना की 14वीं किस्त जारी करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीकरी में एक जनसभा को संबोधित किया, जहां उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला बोला. पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस का अर्थ है लूट, भ्रष्टाचार और बेईमानी. अगर लाल डायरी के पन्ने खुले तो पता नहीं कितनों का डिब्बा गोल हो जायेंगे. उन्होंने लाल डायरी का जिक्र करते हुए कहा कि यह डायरी कांग्रेस के काले करतूतों का दस्तावेजे है. पीएम मोदी ने राजस्थान सरकार पर जमकर हमला बोला और कहा कि राजस्थान में बहू-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं. पीएम मोदी ने कहा कि कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है.

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लेखक के बारे में

Author: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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