पीएम मोदी ने 5 देशों की यात्रा के दौरान भारत की पहचान, इन बेशकीमतों चीजों को किया गिफ्ट; देखें लिस्ट

PM Modi Gifts : माहेश्वरी सिल्क फैब्रिक,करीमनगर फिलिग्री बॉक्स, बासमती चावल, केसर आम,आइस एक्स की एक रेप्लिका, मिथिला मखाना, मेघालय का अनानस और भी कई बेशकीमती उपहार, जो भारत की खासियत माने जाते हैं,उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी 5 देशों की यात्रा के दौरान विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों को भेंट किया.

PM Modi Gifts : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी 5 देशों की यात्रा समाप्त कर स्वदेश लौट आए हैं. इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE), नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली गए और कई द्विपक्षीय समझौते भी किए. अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने सभी पांच देशों में भारत की पहचान माने जाने वाले बेशकीमती चीजों को उपहार स्वरूप वहां के राष्ट्राध्यक्षों को सौंपा.

UAE के क्राउन प्रिंस को कोफ्तगिरी वर्क वाला खंजर और मखाना भेंट किया

क्रमांकदेश/संस्थानेता / पददिए गए उपहार
1संयुक्त अरब अमीरातक्राउन प्रिंसकोफ्तगिरी कार्य वाला सेरेमोनियल खंजर, मिथिला मखाना
2संयुक्त अरब अमीरातशेखा फातिमा बिंत मुबारक अल केतबी (क्वीन मदर)करीमनगर फिलिग्री बॉक्स, महेश्वरी सिल्क कपड़ा
3संयुक्त अरब अमीरातशेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान (राष्ट्रपति)रोगन पेंटिंग (ट्री ऑफ लाइफ), केसर आम, मेघालय अनानास
4स्वीडनउल्फ क्रिस्टर्सन (प्रधानमंत्री)शांतिनिकेतन मैसेंजर बैग, रवींद्रनाथ टैगोर की रचनाएँ, लोकटक चाय, लद्दाख पश्मीना स्टोल
5स्वीडनक्राउन प्रिंसेस विक्टोरियागोंड पेंटिंग, “कन्वीनियेंट एक्शन: कंटिन्यूइटी फॉर चेंज” (पुस्तक)
6नॉर्वेजोनास गार स्टोरे (प्रधानमंत्री)प्रेस्ड ऑर्किड पेंटिंग, ऑर्किड पेपरवेट
7नॉर्वेरानी सोन्यापाम लीफ पटचित्र
8नॉर्वेक्राउन प्रिंस हाकोनकलमकारी पेंटिंग (सूर्य और चंद्रमा मोटिफ)
9नीदरलैंडविलेम-अलेक्जेंडर (राजा)ब्लू पॉटरी
10नीदरलैंडरानी मैक्सिमामीनाकारी और कुंदन ईयररिंग्स
11नीदरलैंडरॉब जेटेनमधुबनी पेंटिंग (मछली मोटिफ)
12इटलीसर्जियो मातारेला (राष्ट्रपति)मार्बल इनले वर्क बॉक्स, पंडित भीमसेन जोशी और एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी के सीडी
13खाद्य और कृषि संगठन (FAO)क्यू डोंग्यूभारत के प्रमुख चावल (रेड राइस, गोविंदभोग, बासमती, जोहा, काला नमक), हेल्दी मिलेट बार्स
14आइसलैंडक्रिस्ट्रीन फ्रॉस्टाडोटिर (प्रधानमंत्री)तेनजिंग नॉर्गे के आइस एक्स की प्रतिकृति
15डेनमार्कमेटे फ्रेडरिकसन (प्रधानमंत्री)बिदरी सिल्वर वर्क फूलदान
16फिनलैंडपेटेरी ओर्पो (प्रधानमंत्री)कमल तलाई पिचवाई पेंटिंग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने यूएई दौरे के दौरान वहां के क्राउन प्रिंस को कोफ्तगिरी वर्क वाला खंजर और मिथिला का मखाना भेंट किया. यह पारंपरिक खंजर जिस पर बारीक कोफ्तगिरी वर्क है, भारत की मार्शल और कलात्मक विरासत का एक अनोखा उदाहरण है. राजस्थान के उदयपुर में सिकलीगर और पारंपरिक मेटल कारीगरों के एक छोटे से समुदाय द्वारा की जाने वाली कोफ्तगिरी, स्टील पर बारीक सोने और चांदी के तारों को जड़कर नाजुक फूलों और ज्योमेट्रिक डिजाइन बनाने की एक बारीकी से की जाने वाली कला है.मिथिला मखाना, बिहार के मिथिला इलाके का एक प्रीमियम प्रोडक्ट है. मखाना अपनी शुद्धता,पौष्टिकता और कई तरह से अन्य प्रयोगों के लिए जाने जाते हैं.

फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो को कमल तलाई पिछवाई पेंटिंग भेंट की

पीएम मोदी ने फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो को कमल तलाई पिछवाई पेंटिंग भेंट की. यह पेंटिंग
राजस्थान के नाथद्वारा परंपरा की शांत सुंदरता और भक्ति वाली कलाकारी को दिखाती है. कमल से भरे पानी के आस-पास बनी यह पेंटिंग पवित्रता, तालमेल और आध्यात्मिक सोच का प्रतीक है. इस पेंटिंग में भगवान कृष्ण की लीलाओं को दर्शाया जाता है.

नॉर्वे के पीएम जोनास गहर स्टोरे को ऑर्किड पेंटिंग और ऑर्किड पेपरवेट गिफ्ट किया

नॉर्वे के पीएम जोनास गहर स्टोरे को पीएम मोदी ने सिक्किम की खास पेंटिंग और ऑर्किड पेपरवेट गिफ्ट किया.सिक्किम की धुंध से ढंकी घाटियों से लिया गया यह आर्टवर्क सस्टेनेबिलिटी, इकोलॉजिकल बैलेंस और पारंपरिक कारीगरी के प्रति गहरी लगन को दिखाता है. नॉर्वे की प्रकृति, सस्टेनेबिलिटी और फूलों की संस्कृति के प्रति गहरी समझ सिक्किम की ऑर्किड विरासत में स्वाभाविक रूप से झलकती है.

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By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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