कांग्रेस के सात उम्मीदवारों में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का नाम सबसे प्रमुख है. पार्टी ने कर्नाटक से खरगे के अलावा मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा और मंसूर अली खान को भी उम्मीदवार बनाया है. नाम की घोषणा होने के बाद पवन खेड़ा ने एक्स पर लिखा कि कर्नाटक जैसे खूबसूरत राज्य से राज्यसभा के लिए नामित होना मेरे लिए बड़े सम्मान की बात है. मैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी नेतृत्व का दिल से आभारी हूं, जिन्होंने मुझ पर भरोसा जताया. मैं पार्टी की विचारधारा और जनता की आवाज को संसद में मजबूती से उठाने का पूरा प्रयास करूंगा.
आगे उन्होंने लिखा कि मुझे उम्मीद है कि पार्टी नेतृत्व ने मुझ पर जो भरोसा और विश्वास जताया है, उस पर मैं खरा उतरूंगा. जो लोग मेरी इस उपलब्धि को मेरी ‘तपस्या’ का फल बता रहे हैं, उनसे मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि मेरी यात्रा अभी खत्म नहीं हुई है. मेरी असली तपस्या तो उस दिन पूरी होगी, जब राहुल गांधी 2029 में भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे.
दिग्विजय सिंह ने क्या लिखा एक्स पर
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बधाई हो. ‘तपस्या’ कोई तय समय में पूरी होने वाली चीज नहीं होती, यह जीवनभर चलने वाली प्रतिबद्धता है. आपको मेरी ओर से ढेरों शुभकामनाएं. आप इस सम्मान के पूरी तरह हकदार हैं.
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2022 में छलका था पवन खेड़ा का दर्द
अब बात करें तपस्या शब्द की तो बता दें कि यह वही पवन खेड़ा हैं, जिन्हें 2022 में राजस्थान से राज्यसभा का टिकट नहीं मिला था और तब उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना दर्द जाहिर करते हुए लिखा था, “शायद मेरी तपस्या में कुछ कमी रह गई. लेकिन तब और अब की राजनीति में काफी बदलाव आ चुका है. जो पवन खेड़ा कभी टीवी डिबेट्स में कांग्रेस का पक्ष रखते नजर आते थे, वे आज बीजेपी के खिलाफ पार्टी की मुखर आवाज और संघर्ष का बड़ा चेहरा बन चुके हैं. यही वजह है कि कांग्रेस ने इस बार उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला किया है.
