राहुल गांधी को 2029 में प्रधानमंत्री बनवाएंगे पवन खेड़ा, कर रहे हैं तपस्या

राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने गुरुवार (4 जून) शाम सात उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया, जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से लेकर पवन खेड़ा के नाम शामिल हैं. खेड़ा के नाम की चर्चा क्यों हो रही है ज्यादा जानें यहां.

कांग्रेस के सात उम्मीदवारों में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का नाम सबसे प्रमुख है. पार्टी ने कर्नाटक से खरगे के अलावा मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा और मंसूर अली खान को भी उम्मीदवार बनाया है. नाम की घोषणा होने के बाद पवन खेड़ा ने एक्स पर लिखा कि कर्नाटक जैसे खूबसूरत राज्य से राज्यसभा के लिए नामित होना मेरे लिए बड़े सम्मान की बात है. मैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी नेतृत्व का दिल से आभारी हूं, जिन्होंने मुझ पर भरोसा जताया. मैं पार्टी की विचारधारा और जनता की आवाज को संसद में मजबूती से उठाने का पूरा प्रयास करूंगा.

आगे  उन्होंने लिखा कि मुझे उम्मीद है कि पार्टी नेतृत्व ने मुझ पर जो भरोसा और विश्वास जताया है, उस पर मैं खरा उतरूंगा. जो लोग मेरी इस उपलब्धि को मेरी ‘तपस्या’ का फल बता रहे हैं, उनसे मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि मेरी यात्रा अभी खत्म नहीं हुई है. मेरी असली तपस्या तो उस दिन पूरी होगी, जब राहुल गांधी 2029 में भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे.

दिग्विजय सिंह ने क्या लिखा एक्स पर

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बधाई हो. ‘तपस्या’ कोई तय समय में पूरी होने वाली चीज नहीं होती, यह जीवनभर चलने वाली प्रतिबद्धता है. आपको मेरी ओर से ढेरों शुभकामनाएं. आप इस सम्मान के पूरी तरह हकदार हैं.

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2022 में छलका था पवन खेड़ा का दर्द

अब बात करें तपस्या शब्द की तो बता दें कि यह वही पवन खेड़ा हैं, जिन्हें 2022 में राजस्थान से राज्यसभा का टिकट नहीं मिला था और तब उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना दर्द जाहिर करते हुए लिखा था, “शायद मेरी तपस्या में कुछ कमी रह गई. लेकिन तब और अब की राजनीति में काफी बदलाव आ चुका है. जो पवन खेड़ा कभी टीवी डिबेट्स में कांग्रेस का पक्ष रखते नजर आते थे, वे आज बीजेपी के खिलाफ पार्टी की मुखर आवाज और संघर्ष का बड़ा चेहरा बन चुके हैं. यही वजह है कि कांग्रेस ने इस बार उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला किया है.  

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Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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