Pahalgam Terrorist Attack: आतंकियों का मददगार भागने के लिए नाले में कूदा, हो गई मौत

Pahalgam Terrorist Attack: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में रविवार को एक 22 वर्षीय युवक इम्तियाज अहमद मगरे का शव एक पहाड़ी नदी में मिला. उसपर पहलगाम हमले में आतंकियों की मदद करने का आरोप लगा था.

Pahalgam Terrorist Attack: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकवादियों को खाना और ठहरने की जगह देने वाला एक व्यक्ति सुरक्षा बलों से बचते हुए नदी में कूद गया. इससे उसकी डूबकर मौत हो गई. ऊंची जगह से लिए गए एक वीडियो में 23 वर्षीय इम्तियाज अहमद मगरे नामक व्यक्ति को जंगल में कुछ देर तक घूमने के बाद अचानक चट्टानी नदी में कूदते हुए देखा जा सकता है. सूत्रों के हवाले से एनडीटीवी ने खबर प्रकाशित की है. इसके अनुसार, मगरे को शनिवार को पुलिस ने हिरासत में लिया था. पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को बताया कि उसने कुलगाम के तंगमर्ग के जंगल में छिपे आतंकवादियों को भोजन और रसद मुहैया कराई थी.

सूत्रों ने बताया कि आरोपी ने सुरक्षा बलों को आतंकवादियों के ठिकाने तक पहुंचाने की बात स्वीकार की. रविवार की सुबह पुलिस और सेना की संयुक्त टीम के साथ ठिकाने पर छापा मारने के दौरान मगरे भागने की कोशिश में वेशॉ नदी में कूद गया. उसके भागने का पल भी कैमरे में कैद हो गया. जब उसने भागने का फैसला किया तो उसके आस-पास कोई नहीं था. वीडियो में नजर आ रहा है कि व्यक्ति तैरने की कोशिश कर रहा था, लेकिन तेज बहाव में वह बह गया और डूब गया. घटना का पूरा वाकया कैमरे में कैद हो गया.

इम्तियाज को दो दिन पहले सेना ने उठाया था  : महबूबा मुफ्ती

सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने घटना के बारे में गलत सूचना फैलाने वालों की निंदा की है. सुरक्षा बलों को मौत के लिए गलत तरीके से दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए. इससे पहले रविवार को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इम्तियाज अहमद मौत में साजिश का आरोप लगाया था. एक्सप्रेस ट्रिब्यून पर एक पोस्ट में मुफ्ती ने कहा, “कुलगाम में नदी से एक और शव बरामद हुआ है, जिससे गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं. स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इम्तियाज को दो दिन पहले सेना ने उठाया था और अब रहस्यमय तरीके से उसका शव नदी में मिला है.”

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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