Owaisi On Yogi: AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘कयामत’ वाले बयान पर चुटकी ली है. ओवैसी ने कहा कि आखिर योगी जी को एक उर्दू शब्द का इस्तेमाल करना ही पड़ा. उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या उन्हें ‘कयामत’ के लिए कोई हिंदी शब्द नहीं मिला?
योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा था?
दरअसल, बाराबंकी में एक प्रोग्राम के दौरान सीएम योगी ने बाबरी मस्जिद के मुद्दे पर बात की थी. एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि कयामत का दिन कभी नहीं आएगा, इसलिए बाबरी ढांचा दोबारा कभी नहीं बनेगा. उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग इसका सपना देख रहे हैं, वे बस देखते रह जाएंगे. इसी बात पर पलटवार करते हुए ओवैसी ने उनके उर्दू शब्द चुनने पर सवाल उठाए.
नो-कॉन्फिडेंस मोशन पर दी सफाई
लोकसभा में चल रही खींचतान पर भी ओवैसी ने अपनी बात रखी. उन्होंने साफ किया कि स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव (No-confidence motion) में उनका कोई हाथ नहीं है. ओवैसी के अनुसार, उनसे इस बारे में न तो पूछा गया और न ही उन्होंने किसी कागज पर साइन किए. उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ आए प्रिविलेज मोशन पर भी कहा कि इससे कुछ होने वाला नहीं है.
रेवंत रेड्डी और बीजेपी पर निशाना
तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने हाल ही में आरोप लगाया था कि बीजेपी भगवान राम से ज्यादा ओवैसी को अहमियत देती है ताकि वोट मिल सकें. इस पर ओवैसी ने मजे लेते हुए कहा कि बीजेपी के नेता अपने हर भाषण में हर 5 मिनट पर तीन बार मेरा नाम लेते हैं. ओवैसी के शब्दों में, ऐसा लगता है जैसे वे मुझे बहुत पसंद करते हैं. उन्होंने आगे कहा कि उनकी पार्टी एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभा रही है.
भारत बन रहा है धर्मतांत्रिक देश
एएनआई के अनुसार, ओवैसी ने बीजेपी और आरएसएस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे देश को एक ‘थियोक्रेटिक नेशन’ (धर्म आधारित देश) बनाने की कोशिश कर रहे हैं. यह बयान गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा ‘वंदे मातरम’ को लेकर जारी नई गाइडलाइंस के बाद आया है. नई गाइडलाइंस के अनुसार, किसी भी कार्यक्रम में राष्ट्रगान से पहले वंदे मातरम के सभी 6 अंतरे (Stanzas) गाना जरूरी होगा.
संविधान ‘हम भारत के लोग’ से शुरू होता है
वंदे मातरम पर अपनी राय रखते हुए ओवैसी ने कहा कि इसे किसी की देशभक्ति या वफादारी का पैमाना नहीं बनाना चाहिए. उनके अनुसार:
- संविधान की शुरुआत ‘हम भारत के लोग’ से होती है, न कि किसी नारे से.
- आर्टिकल 25 हर नागरिक को अपना धर्म मानने की आजादी देता है.
- हमें अपनी वफादारी साबित करने के लिए किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है.
गोडसे को भी भारत रत्न दे सकते हैं
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने वीर सावरकर को भारत रत्न देने की बात कही थी. इस पर ओवैसी ने सख्त ऐतराज जताया. उन्होंने जस्टिस कपूर कमीशन का हवाला देते हुए कहा कि सावरकर का नाम महात्मा गांधी की हत्या की साजिश में आया था. ओवैसी ने तीखे अंदाज में यहां तक कह दिया कि अगर वे चाहें तो नथुराम गोडसे को भी भारत रत्न दे सकते हैं.
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