Operation Sindoor: भारतीय सेना के 'विध्वंसक' से कांपा पाकिस्तान, गोलियों की बौछार से 'मुनीर के कान' में छेद, देखें Video

Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना पाकिस्तान पर कहर बनकर टूटी. गोलियों की बौछार और गोलों से पाक की छाती छलनी हो गई. ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना ने एक से बढ़कर एक हथियारों का प्रयोग किया. जिसकी मारक क्षमता देखकर पाकिस्तान कांप उठा. BSF ने एक-एक हथियारों को दिखाया और कैसे ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान पर कहर बनकर टूटे, उसकी झलकी दिखाई.

Operation Sindoor: सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force) ने सीमा पार पाकिस्तानी चौकियों को निशाना बनाने के लिए ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल की गई एंटी-मटेरियल राइफल ‘विध्वंसक’ का प्रदर्शन किया. बीएसएफ के एक जवान ने बताया, “यह एंटी-मटेरियल राइफल ‘विध्वंसक’ है. इसकी रेंज 1300 मीटर और 1800 मीटर है. इस हथियार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मन के टावरों और बंकरों को नष्ट कर दिया था.”

ऑटोमेटिक ग्रेनेड सिस्टम से दुश्मन की चौकियां तबाह

बीएसएफ के एक जवान ने बताया, “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान यह ऑटोमेटिक ग्रेनेड सिस्टम दुश्मन की चौकियों, ठिकानों और उनके बुलेटप्रूफ वाहनों को नष्ट करने में बहुत सफल हथियार साबित हुआ. इसकी मारक क्षमता 1700-2100 मीटर है. इससे दागे गए ग्रेनेड का मारक क्षेत्र 10 मीटर है. इसकी मारक क्षमता बहुत प्रभावी है.”

स्वचालित ग्रेनेड लांचर से पाकिस्तानी चौकियों को बनाया गया निशाना

सीमा सुरक्षा बल ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में दुश्मन की चौकियों को निशाना बनाने के लिए स्वचालित ग्रेनेड लांचर प्रणाली का प्रयोग किया. बीएसफ ने ग्रेनेड लांचर का प्रदर्शन किया और बताया, कैसे पाक पर कहर बनकर टूटे.

मीडियम मशीन गन से पाकिस्तान की छाती छलनी

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने पाकिस्तानी बंकरों को नष्ट करने के लिए मीडियम मशीन गन का इस्तेमाल किया. एक बीएसएफ कर्मी ने बताया, “हमने इस मीडियम मशीन गन से पाकिस्तानी चौकियों और ड्रोन को नष्ट किया. यह प्रति मिनट 600-1000 राउंड फायर कर सकती है.”

एंटी-एयरक्राफ्ट गन से पाकिस्तानी टैंकों और ड्रोन को मार गिराया

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से आने वाले ड्रोन को मार गिराने के लिए सीमा सुरक्षा बल ने 12.7 मिमी की एंटी-एयरक्राफ्ट गन का इस्तेमाल किया. एक बीएसएफ कर्मी ने बताया, “यह दुश्मन के टैंकों, शिविरों और ड्रोन को नष्ट कर सकती है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, हमने दुश्मन के ठिकानों को नष्ट कर दिया और उन्हें अपनी सीमा चौकियों को छोड़ने पर मजबूर कर दिया.”

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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