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क्या अब नहीं होगी वैक्सीन की कमी? केंद्र सरकार ने टीका बनाने वाली कंपनियों ने कोवैक्सीन निर्माण का दिया प्रस्ताव

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
केंद्र और भारत बायोटेक ने दूसरी कंपनियों को दिया न्योता.
केंद्र और भारत बायोटेक ने दूसरी कंपनियों को दिया न्योता.
फाइल फोटो.

नई दिल्ली : ... तो क्या अब देश में कोरोना के टीके की कमी नहीं होगी? वर्तमान समय में यह सवाल इसलिए मौजूं है कि भारत में टीकाकरण के तीसरे चरण की शुरुआत 1 मई 2021 से शुरू कर दी गई है, लेकिन टीके के अभाव में कई राज्यों ने 18 से 44 साल के लोगों को टीका नहीं लगा रहे हैं. अब खबर यह है कि केंद्र सरकार और कोरोना का टीका कोवैक्सीन का निर्माण करने वाली हैदराबाद की फार्मा कंपनी भारत बायोटेक ने उत्पादन बढ़ाने के लिए उन कंपनियों को भी आमंत्रित किया है, जो कोवैक्सीन का उत्पादन करना चाहती हैं.

केंद्र और भारत बायोटेक ने दूसरी दवा कंपनियों को दिया न्योता

केंद्र सरकार की ओर से गठित कोविड टास्क फोर्स के प्रमुख और नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने कहा कि भारत कोरोना वायरस के टीकों की भारी कमी से जूझ रहा है. उन्होंने कहा कि लोग कह रहे हैं कि कोवैक्सीन के निर्माण की जिम्मेदारी दूसरी कंपनियों को भी देना चाहिए. मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि कोवैक्सीन की निर्माता कंपनी भारत बायोटेक ने इस सुझाव को मान लिया है और उसने दूसरी कंपनियों को कोवैक्सीन का उत्पादन करने के लिए आमंत्रित भी किया है. इस मसले पर बातचीत जारी है.

टीके की कमी से बाधित है वयस्कों का टीकाकरण

बता दें कि देश में 18 से 44 साल आयुवर्ग के लोगों को कोरोना का टीका लगाने का काम पूरे जोरशोर से शुरू कर दिया गया है. हालांकि, टीकाकरण के इस तीसरे चरण की शुरुआत 1 मई 2021 से ही शुरू कर दी गई थी, लेकिन टीके की कमी की वजह से कई राज्यों में लोगों का टीकाकरण नहीं किया जा रहा है.

दिल्ली और आंध्र प्रदेश ने पहले ही फार्मूला साझा करने का दिया था सुझाव

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार से टीके के उत्पादन में तेजी लाने के लिए इसके फॉर्मूले को दूसरी सक्षम कंपनियों से साझा करने का भी सुझाव दिया है. इतना ही नहीं, दिल्ली, महाराष्ट, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, ओड़िशा और झारखंड समेत देश के करीब 10 राज्यों ने कोरोना टीके आयात के लिए ग्लोबल टेंडर जारी करने की भी बात कही है.

महाराष्ट्र ने स्थगित किया 18-44 साल के लोगों का टीकाकरण

उधर, महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने गुरुवार को ही इस बात की जानकारी दी है कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने राज्य को आगामी 20 मई तक कोविशील्ड की 1.5 करोड़ खुराक उपलब्ध कराने का भरोसा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को दिया है. उन्होंने बताया कि कंपनी की ओर से कोविशील्ड की खुराक उपलब्ध कराने के बाद ही 18 से 44 आयुवर्ग के लोगों को कोरोना टीका लगाया जाएगा. तब तक के लिए टीकाकरण अभियान के तीसरे चरण को स्थगित कर दिया गया है.

वैक्सीन उत्पादन का क्या है तकनीक?

डॉ पॉल ने आगे कहा कि कोरोना के इस टीके में कोरोना का मृत वायरस होता है, केवल बीएसएल3 (जैव सुरक्षा स्तर 3) प्रयोगशालाओं में ही विकसित किया जाता है. हर दवा कंपनी के पास यह तकनीक उपलब्ध नहीं है. हम उन कंपनियों को खुला निमंत्रण देते हैं, जो ऐसा करना चाहती हैं. जो कंपनियां कोवैक्सीन का निर्माण करना चाहती हैं, उन्हें मिलकर काम करना चाहिए. केंद्र सरकार आगे आने वाली कंपनियों की आर्थिक मदद करेगी, ताकि टीके का उत्पादन बढ़ाया जा सके.

अगस्त-दिसंबर तक टीके की 200 से अधिक खुराक मिलने की उम्मीद

कोविड टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ पॉल का यह बयान उस समय सामने आया है, जब केंद्र सरकार की ओर से यह उम्मीद जाहिर की जा रही है कि इस साल अगस्त से दिसंबर महीने के बीच कोरोना वायरस के करीब 200 करोड़ से अधिक खुराक की आपूर्ति वैक्सीन निर्माता कंपनियों द्वारा कर दी जाएगी. बता दें कि कोरोना के टीकों की कमी की वजह से कई राज्यों ने कोविशील्ड की दो खुराकों के बीच का अंतर 16 हफ्ते तक बढ़ा दिया है.

तीसरी लहर को लेकर बढ़ी है चिंता

हालांकि, एक्सपर्ट्स इस बात को लेकर ज्यादा चिंतित दिखाई दे रहे हैं कोरोना संक्रमितों की संख्या कब अपने चरम पर पहुंच जाएगी, इसका कोई ठिकाना नहीं है. इसके साथ ही, इस बात को लोकर भी चिंता जाहिर की जा रही है कि कोरोना वायरस का यह नया वेरिएंट भारत समेत पूरी दुनिया में संक्रमण की दर को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है.

पीएम मोदी ने 1 मई से वयस्कों के टीकाकरण का किया ऐलान

भारत में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की शुरुआत इस साल के फरवरी महीने से हो गई थी. इस बीच, टीकाकरण अभियान में सुस्ती के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 मई से 18 साल से अधिक आयु के सभी वयस्कों के लिए टीकाकरण की शुरुआत करने का ऐलान कर दिया.

अभी तक आबादी के 2.8 फीसदी लोगों को ही लगा है टीका

यह बात दीगर है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन उत्पादक देश है, लेकिन यहां मांग के अनुरूप स्टॉक काफी कम है. सरकारी आंकड़ों पर भरोसा करें, तो गुरुवार तक देश में केवल 3.82 करोड़ लोगों को ही कोरोना का टीका लगाया जा सका है, जो 135 करोड़ की आबादी का केवल 2.8 फीसदी ही हिस्सा है.

टीके की कमी से जूझ रही है दुनिया

डॉ पॉल ने कहा कि हम सीमति आपूर्ति के दौर से गुजर रहे हैं और पूरी दुनिया इससे अछूती नहीं है. इससे बाहर निकलने में समय लगता है. उन्होंने कहा कि रूस की कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक वी की पहली खेप भारत आ चुकी है और अगले हफ्ते तक दूसरी खेप भी पहुंच जाने की उम्मीद है.

Posted by : Vishwat Sen

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Published Date

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