बेटी हो तो ऐसी… निधि ने पहनी एयरफोर्स की वर्दी, पिता की आंखों से छलके खुशी के आंसू; सुनाई सफलता की कहानी

Nidhi Agarwal Joins IAF: संयुक्त स्नातक परेड में शामिल होकर निधि अग्रवाल ने भारतीय सशस्त्र बलों में नई उपलब्धि हासिल की है. उन्होंने ऑल इंडिया 6वीं रैंक लाकर इंडियन एयरफोर्स में फ्लाइंग कैडेट के रूप में जॉइन किया. उनके पिता सुधीर कुमार अग्रवाल इस मौके पर काफी भावुक नजर आए. उन्होंने बताया कि कैसे उनकी बेटी ने परिवार का सपना पूरा किया और देश का नाम रोशन किया.

Nidhi Agarwal Joins IAF: भारतीय सशस्त्र बलों के फ्लाइट कैडेट्स का प्री-कमीशनिंग प्रशिक्षण शनिवार को तेलंगाना में पूरा हुआ. इस उपलक्ष्य में आयोजित संयुक्त स्नातक परेड में शामिल हुईं निधि अग्रवाल की सफलता ने उनके परिवार को गर्व से भर दिया है. उन्होंने फ्लाइंग कैडेट के रूप में भारतीय वायुसेना को जॉइन किया है. इस मौके पर उनके पिता सुधीर कुमार अग्रवाल ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए बताया कि कैसे उनकी बेटी ने न केवल परिवार का सपना पूरा किया. अपने आंसुओं को संभालते हुए गर्व से भरे पिता ने बेटी की सफलता को बड़ी खूबसूरती से बयान किया. 

पिता का सपना, बेटियों ने किया साकार

सुधीर कुमार अग्रवाल ने बताया कि वह मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले हैं, फिलहाल पुणे में रहते हैं. उन्होंने आगे कहा कि युवावस्था में उनका भी सपना सेना में शामिल होने का था, लेकिन वह इसे पूरा नहीं कर सके. लेकिन उनकी बेटियों ने उसी सपने को आगे बढ़ाया. उन्होंने कहा, ‘जब मैं छात्र था, तब से मेरे मन में सशस्त्र बलों में जाने का सपना था. मेरी बड़ी बेटी कोमल ने एनसीसी जॉइन की और वहां सर्वोच्च स्तर तक पहुंची. इसके बाद मेरी छोटी बेटी निधि ने सेना में शामिल होने का फैसला किया और आज उसने इतिहास रच दिया है.’

तीनों सेनाओं में शानदार प्रदर्शन

सुधीर कुमार अग्रवाल ने बताया कि निधि ने चयन प्रक्रिया के दौरान तीनों सेनाओं में बेहतरीन प्रदर्शन किया. उनके मुताबिक, ‘सेना में निधि को ऑल इंडिया रैंक 28 मिली थी. नौसेना में उसने ऑल इंडिया रैंक 9 हासिल की और वायुसेना में ऑल इंडिया रैंक 6 प्राप्त कर एक नई उपलब्धि दर्ज की.’ उन्होंने कहा कि इतनी प्रतिस्पर्धात्मक चयन प्रक्रिया में शीर्ष रैंक हासिल करना किसी भी उम्मीदवार के लिए बड़ी उपलब्धि होती है.

परिवार ने हमेशा दिया बेटियों का साथ

निधि की सफलता का श्रेय परिवार के सहयोग को देते हुए सुधीर कुमार अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने कभी बेटियों और बेटों में फर्क नहीं किया. उन्होंने कहा, ‘हमारे परिवार ने हमेशा दोनों बेटियों का पूरा समर्थन किया. उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए हर संभव अवसर और प्रोत्साहन दिया गया.’

परिवार, समाज और देश का बढ़ाया मान

बेटी की उपलब्धि पर भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि निधि ने केवल अपने माता-पिता का ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और देश का नाम रोशन किया है. सुधीर कुमार अग्रवाल ने कहा, ‘निधि ने हमारे पूरे परिवार, समाज और देश को गर्व महसूस कराया है. उसकी यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी.’

एयरफोर्स चीफ और रक्षा मंत्री ने दी बधाई

सुधारी अग्रवाल ने आगे बताया कि परेड से पहले वाली रात में डिंडीगुल एकेडमी के चीफ ने डिनर के दौरान सभी सफल कैडेट्स के परिवारों से मुलाकात की. इसके बाद एयरफोर्स चीफ एपी सिंह ने भी हमें बधाई दी. यह हमारे लिए बहुत बड़ा लम्हा था. वहीं शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कैडेट्स को प्रेरित किया और उनके कंधे पर विंग्स लगाए.

ये भी पढ़ें:- Watch Video : दुबई से आई फ्लाइट में करोड़ों का गोल्ड! टॉयलेट बना तस्करों का ठिकाना

ये भी पढ़ें:- लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे अगले आर्मी चीफ, 30 जून से संभालेंगे पदभार

बेटी की सफलता में पत्नी का हाथ

सुधीर ने आगे कहा कि यह सारी सफलता मेरी पत्नी निरुपमा की वजह से है. मेरे ससुर, निरुपमा के पिता एयरफोर्स में थे. वह फ्लाइंग कैडेट के रूप में रिटायर हुए थे. एक बार मेरे एक दोस्त ने कहा था कि भई तुम फौजी जैसे लगते हो, तो मैंने कहा कि मैं फौजी का दामाद हूं और अब एक फौजी का पिता.

संयुक्त स्नातक परेड में निधि की भागीदारी और उत्कृष्ट प्रदर्शन महिला सशक्तिकरण तथा भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है. निधि की उपलब्धि देश की अन्य लड़कियों को इस क्षेत्र में आने के लिए प्रेरित करेगी.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >