NIA Arrests Foreigners : नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने फिल्मी स्टाइल में कार्रवाई करते हुए अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई तीन एयरपोर्ट पर की गई- कोलकाता में वैनडाइक को पकड़ा गया, जबकि लखनऊ और दिल्ली एयरपोर्ट पर तीन-तीन यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया.
यूक्रेनी नागरिकों की पहचान पेट्रो हुरबा, तारास स्लिवियाक, इवान सुकमानोव्स्की, मरियन स्टेफानकिव, मक्सिम होंचारुक और विक्टर कामिंस्की के रूप में हुई है. इन सभी की गिरफ्तारी शुक्रवार (13 मार्च) को की गई.
लीबिया गृहयुद्ध से चर्चा में आए मैथ्यू वैनडाइक
मैथ्यू वैनडाइक पहली बार 2011 के लीबिया गृहयुद्ध के दौरान चर्चा में आए थे. इसके बाद उन्होंने इराक में आतंकी संगठन ISIS के खिलाफ लड़ाई लड़ी. यही नहीं उन्होंने रूस के खिलाफ चल रहे युद्ध के दौरान यूक्रेनी सैनिकों को ट्रेनिंग भी दी.
म्यांमार के जातीय आर्म्ड ग्रुप को हथियार देने का आरोप
समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, NIA ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया है. इनपर आरोप है कि ये लोग म्यांमार के जातीय सशस्त्र समूहों (हथियार लेकर अपनी मांग करने वाले) को हथियार और आतंक से जुड़े सामान दे रहे थे, साथ ही उन्हें ट्रेनिंग देकर उनकी मदद भी कर रहे थे.
स्पेशल NIA जज प्रशांत शर्मा ने सोमवार (16 मार्च) को सभी सात आरोपियों को 11 दिन की एनआईए हिरासत में भेज दिया. एनआईए ने 15 दिन की हिरासत मांगी थी. रिमांड के दौरान एनआईए ने कहा कि पूछताछ में आरोपियों के आतंकी और गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े होने के सबूत सामने आ सकते हैं. यह भी आरोप है कि उनका संपर्क AK-47 लेकर घूम रहे अज्ञात आतंकियों से था और वे उनकी मदद कर रहे थे.
म्यांमार में ट्रेनिंग की बात एनआईए ने कही
एनआईए का आरोप है कि ये लोग म्यांमार में ट्रेनिंग लेकर वहीं के जातीय सशस्त्र समूहों को ट्रेनिंग दे रहे थे. इनके संबंध भारत के उग्रवादी संगठनों से भी जुड़े बताए जा रहे हैं. यह भी कहा गया है कि ये यूरोप से बड़ी मात्रा में ड्रोन भारत के रास्ते लाए थे.
