इस 'हथियार' से तबाह हो जाएगा पाकिस्तान, एयर स्ट्राइक से भी है खतरनाक

Naval Blockage For Pakistan : पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत सरकार एक्शन में है. पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए अबतक कई कदम उठाये जा चुके हैं. सिंधु जल संधि को रद्द कर दिया गया, तो सार्क वीजा भी रद्द कर दिया गया. जिसके बाद पाकिस्तानियों को देश से बाहर निकाला जा रहा है. कई जानकारों को मानना है कि एयर स्ट्राइक जैसे कदम भी उठाये जा सकते हैं. इस बीच बिहार के फेमस शिक्षक खान सर ने बड़ा सुझाव दे दिया है. जिसमें अगर अमल किया जाए, तो पाकिस्तान हर तरफ से तबाह हो जाएगा. खान सर ने Naval Blockage की चर्चा की. तो आइये जानते हैं, आखिर Naval Blockage क्या है और कैसे पाकिस्तान को तबाह किया जा सकता है.

Naval Blockage Pakistan

Naval Blockage For Pakistan : पहलगाम आतंकवादी हमले को लेकर भारत लगातार कड़े कदम उठा रहा है. एलओसी पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. आतंकवादियों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. संदिग्धों को हिरासत में लेकर लगातार पूछताछ हो रही है. सरकार के ताबड़तोड़ एक्शन से पाकिस्तान में हड़कंप मच गई है. इस बीच बिहार के फेमस शिक्षक खान सर ने सुझाव दिया है कि पाकिस्तान के खिलाफ भारत को नेवल ब्लॉकेज करना चाहिए. उनका दावा है कि यह एयर स्ट्राइक और सिंधु जल संधि रद्द करने जैसे कदमों से अधिक प्रभावी होगा. नेवल ब्लॉकेज से पाकिस्तान हर तरफ से तबाह हो जाएगा. उन्होंने इसके लिए सभी भारतीयों से अपील की है कि सभी मिलकर सरकार से इसकी मांग करें.

क्या है नेवल ब्लॉकेज?

नेवल ब्लॉकेज (Naval Blockage ) एक सैन्य रणनीति है. जिसमें किसी देश के समुद्री मार्गों को बंद कर दिया जाता है. इस कदम का उद्देश्य उस देश की आपूर्ति, व्यापार और सैन्य सहायता को पूरी तरह से रोक दिया जाए. नेवल ब्लॉकेज से दुश्मन देश की अर्थव्यवस्था, सैन्य शक्ति और संसाधन पर जोरदार हमला होता है. दुश्मन देश पूरी तरह से कमजोर पड़ जाता है. इतिहास पलटकर देखा जाए, तो इसके उदाहरण भी मिलते हैं. प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटेन ने जर्मनी के खिलाफ नाकाबंदी की थी. इसके अलावा अमिरका ने भी ब्यूबा के आसपास नेवल ब्लॉकेज किया था.

पाकिस्तान पर क्या होगा असर

नेवल ब्लॉकेज का पाकिस्तान पर सबसे गहरा प्रभाव आयात पर पड़ेगा. अगर भारत ऐसा कदम उठाता है, तो पाकिस्तान का समुद्री मार्गों से होने वाले आयात प्रभावित होंगे. पाकिस्तान 85 प्रतिशत से अधिक तेल आवश्यकताओं के लिए आयात पर निर्भर है. नेवल ब्लॉकेज से पाकिस्तान पर तेल आपूर्ति का संकट उत्पन्न हो जाएगा. ऊर्जा संकट की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी. इसके अलावा पाकिस्तान का व्यापार पूरी तरह से प्रभावित हो जाएगा. पाकिस्तान खाद्य, दवाओं और औद्योगिक सामानों का आयात करता है. अगर नाकाबंदी जैसी बनती है, तो पाकिस्तान का मुद्रास्फीति प्रभावित होगा. कीमतें बढ़ जाएंगी.

पाकिस्तान पर सैन्य प्रभाव

नेवल स्ट्राइक से पाकिस्तान पर सैन्य प्रभाव भी पड़ेगा. भारत की तुलना में पाकिस्तान का नौसेना कमजोर है. भारत के पास 150 से 160 युद्धपोत हैं. विमानवाहक पोत और परमाणु पनडुब्बियां भी भारत के पास हैं. जबकि पाकिस्तान के पास केवल 100 युद्धपोत हैं. पाकिस्तान के पास विमानवाहक पोत भी नहीं है. अरब सागर में भारत काफी मजबूत है. वहां भारत का प्रभुत्व है. इसके अलावा नाकाबंदी से पाकिस्तान के पास हथियार, गोला-बारूद और सैन्य सामग्रियों की कमी हो जाएगी.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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