नयी दिल्ली : अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने बताया है कि सूरज अपने नये सोलर सायकिल में पहुंच गया है. नासा ने इस सायकिल को नाम दिया है -सोलर सायकिल 25. इस सायकिल की शुरुआत दिसंबर 2019 में हुई थी, लेकिन इसकी घोषणा अभी हुई है. नासा ने बताया कि इसकी गणना में 10 महीने का समय लग गया.
चूंकि सूरज हमारे जीवन से जुड़ा है और धरती पर ऊर्जा का यह सबसे बड़ा स्रोत है इसलिए इसकी हर गतिविधि और उसके मानवजाति पर असर के बारे में लोग जानना चाहते हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि सूर्य अपने नये सायकिल में प्रवेश कर गया है. इसका अर्थ यह है कि अगले कुछ वर्षों तक हम सूरज की गतिविधि को देखेंगे, जिसका हमारे जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ेगा.
वैज्ञानिकों के अनुसार सूर्य प्राकृतिक चक्रों से गुजरता है, जिसमें वह अपेक्षाकृत शांत से तूफानी अवस्था में घूमता है. जब सूर्य सबसे अधिक सक्रिय होता है तो उसे सोलर मैक्सिमम कहा जाता है. इस स्थिति में सूर्य का चुंबकीय क्षेत्र, जो सौर गतिविधि से चलता है, तना हुआ और पेचीदा होता है. सौर न्यूनतम के दौरान सनस्पॉट कुछ और दूर होते हैं और सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र कमजोर होते हैं.
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सूरज हर 11 वर्ष के बाद अपने सायकिल को बदलता है. कुछ सायकिल शांत और कुछ बहुत एक्टिव होते हैं. जिसके अनुसार सौर मौसम तय होता है. सौर मौसम का रेडियो संचार एवं अंतरिक्ष यात्रियों पर प्रभाव पड़ता है. सोलर सायकिल 25 सायकिल 24 के समान ही है. यह पिछले सौ वर्ष में सबसे कमजोर सायकिल है.
Posted By : Rajneesh Anand
