MP Live Man Hanging Tableau 26 January Parade: गणतंत्र दिवस पर जहां हर तरफ देशभक्ति के गाने, झंडे और भाषणों का माहौल था. लेकिन मध्य प्रदेश के गुना में जेल विभाग ने कुछ ज्यादा ही ‘रियलिस्टिक’ देशसेवा दिखा दी. परेड ग्राउंड में निकली उनकी झांकी देखकर ऐसा लगा कि ये सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि किसी वेब सीरीज की शूटिंग चल रही है. झांकी का थीम था- ‘कृष्णकाल से मोहनकाल’. सुनने में आध्यात्मिक और सुधारवादी लग रहा है, लेकिन सीन ऐसा था कि लोग भौंचक्के रह गए. एक तरफ भगवान कृष्ण को वसुदेव की गोद में बड़े सलीके से दिखाया गया. वहीं, दूसरी तरफ एक जिंदा युवक को गले में फंदा डालकर फांसी पर लटकाया गया.
अब ये सुधार का संदेश था या डराने की वर्कशॉप, ये किसी को समझ नहीं आया. मौके पर मौजूद लोग पहले तो समझ ही नहीं पाए कि ये असली है या नाटक. लेकिन जब पता चला कि भाईसाहब सच में जिंदा इंसान हैं, तो मुख्य अतिथि, प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत भी मंच पर बैठे-बैठे ये नजारा देखकर सन्न रह गए. मगर गणतंत्र दिवस का मंच था, सो उन्होंने तुरंत कुछ बोलना ठीक नहीं समझा. हद तो तब हो गई जब तस्वीरों में जेलर साहब उसी फंदे पर लटके जिंदा शख्स के साथ फोटो खिंचवाते दिखे.
परेड ग्राउंड में दिखाई गई इस झांकी का थीम था बड़ा भारी. “कृष्णकाल से मोहनकाल तक जेलें परिवर्तन की ओर.” सुनकर लगा कि अध्यात्म और नई सोच दिखेगी. पर यहां तो क्रिएटिविटी के ऐसे यू-टर्न ने हैरान कर दिया. एक तरफ सलाखों के पीछे वसुदेव की गोद में बाल कृष्ण का दृश्य, और दूसरी तरफ एक जिंदा युवक को फांसी के फंदे पर लटकाकर प्रदर्शन. मतलब, मैसेज सुधार का… तरीका सीधा डरावना.
गणतंत्र दिवस आया तो पूरे देश में वही जाना-पहचाना सीन रहता है. झंडा, भाषण, देशभक्ति गाने, बच्चों के डांस, और सोशल मीडिया पर फोटो-वीडियो की बाढ़. स्कूल से लेकर सरकारी दफ्तर, पुलिस लाइन से लेकर जेल तक सबने अपना-अपना देशप्रेम पेश किया. लेकिन मध्य प्रदेश के गुना में जेल विभाग ने जो झांकी निकाली, उसने तो देशभक्ति कम, हैरानी में ज्यादा डाल दिया. लोगों ने जरूर ऐसे एक्सप्रेशन दिए होंगे कि आइडिया मीटिंग में स्लाइड पर तो अच्छा हो सकता है, पर परेड ग्राउंड में थोड़ा ज्यादा ही रियल हो गया.
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