12 साल के बच्चे ने रची खुद की किडनैपिंग की कहानी, गुना पुलिस ने खोली सच्चाई

मध्य प्रदेश के गुना में एक सातवीं कक्षा के छात्र ने खुद के अपहरण की कहानी रची, क्योंकि वह अपने पिता से नाराज था. वजह सिर्फ इतनी थी कि उसे साइकिल चाहिए थी, लेकिन पिता ने उसे साइकिल नहीं दिलाई. इसी गुस्से में वह घर लौटने के बजाय बिना किसी को बताए निकल गया और बाद में डर के मारे उसने अपहरण की झूठी कहानी बना ली.

कम उम्र के बच्चे भी कभी-कभी हैरान करने वाले कदम उठा लेते हैं. मध्यप्रदेश के गुना शहर में 12 साल का एक छात्र अचानक गायब हो गया. यह बच्चा सातवीं कक्षा में पढ़ता है. कुछ घंटों तक जब उसका कोई पता नहीं चला, तो परिवार और इलाके के लोग घबरा गए. बाद में वह शहर से बाहर बिलोनिया इलाके में एक पुल के नीचे बेहोशी जैसी हालत में मिला. होश में आने के बाद बच्चे ने दावा किया कि कुछ लोगों ने उसका अपहरण कर लिया था. लेकिन जब पुलिस ने पूरे मामले की बारीकी से जांच की, तो सामने आया कि अपहरण की यह कहानी पूरी तरह मनगढ़ंत थी.

सातवीं कक्षा में पढ़ने वाला यह छात्र शुक्रवार को स्कूल में परीक्षा देने के बाद घर नहीं लौटा. जब देर शाम तक बच्चा घर नहीं पहुंचा, तो परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने पुलिस थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. इस बात के फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और बच्चे को थाने ले जाया गया. उसके पिता को भी बुलाया गया.

बच्चे ने क्या कहानी बनाई?

शुरुआत में बच्चे ने अपने अपहरण की कहानी सुनाई. उसने कहा कि स्कूल के बाहर कार में आए कुछ लोगों ने उसे कोई नशीला पदार्थ सुंघाकर अगवा कर लिया था और बाद में छोड़कर चले गए. बच्चे की यह कहानी सुनकर पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझा और गहन जांच शुरू की. लेकिन पुलिस की जांच में यह बात झूठी निकली. पूरे मामले की जानकारी नगर पुलिस अधीक्षक प्रियंका मिश्रा ने दी.

पुलिस ने समझदारी से काम लिया

मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक प्रियंका मिश्रा ने खुद बच्चे से सवाल-जवाब किए. शुरुआत में बच्चा अपनी कहानी पर कायम रहा, लेकिन उसकी बातों में बार-बार फर्क नजर आ रहा था. इसके बाद पुलिस ने सख्ती छोड़कर प्यार और समझदारी से बात की. जांच के दौरान पुलिस को बच्चे के बयान में कई विरोधाभास नजर आए. जब उससे दोबारा शांत तरीके से पूछताछ की गई, तो उसने सच बता दिया. 

क्यों नाराज था बच्चा?

बच्चे ने स्वीकार किया कि वह अपने माता-पिता से नाराज था, क्योंकि उसे साइकिल नहीं दिलाई गई थी. बच्चे ने यह भी बताया कि उसे लगता था कि उसकी बहनों की हर इच्छा पूरी की जाती है, जबकि उसकी बातों पर ध्यान नहीं दिया जाता. इसी नाराजगी में वह स्कूल से घर न जाकर पैदल ही सीधे हाईवे की तरफ पैदल चल पड़ा. काफी दूर जाने के बाद भूख, थकान और डर की वजह से वह पुल के नीचे लेट गया. इससे लोगों को वह बेहोश हालत में मिला. जब उसे लगा कि पुलिस पकड़ लेगी, तो उसने खुद को बचाने और पिता का ध्यान खींचने के लिए अपहरण की कहानी बना दी.

बच्चे की काउंसलिंग करके घर भेज दिया गया

पुलिस अधिकारियों ने बच्चे की काउंसलिंग कराई, उसे समझाया और फिर सुरक्षित रूप से उसके परिजनों के हवाले कर दिया. पुलिस ने बच्चे को समझाया कि इस तरह घर से भागना और झूठी कहानी गढ़ना कितना खतरनाक हो सकता है. साथ ही माता-पिता को भी सलाह दी गई कि वे बच्चों से खुलकर बात करें और उनकी भावनाओं को समझें.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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