स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, देश में Coronavirus के मामलों में आयी 60 फीसदी तक की कमी

स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी कोरोना वायरस के नये मामलों की जानकारी

नयी दिल्ली : स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा है कि कोरोना वायरस को लेकर एक खुशखबरी है और वह यह कि देश में इस महामारी के संक्रमण के मामलों में करीब 60 फीसदी की कमी आयी है. उसने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि कोरोना के मामलों में आइसोलेशन (पृथककरण) की वजह से नये मामलों में कमी आयी है. कोरोना पर अंकुश लगाने के लिए आइसोलेशन बहुत जरूरी है. इसके साथ ही, उसने यह भी कहा कि भारत में COVID 19 के मामले बढ़कर 519 हो गये हैं, जिसमें 470 मरीजों का इलाज चल रहा है.

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि हमने राज्यों से अस्पतालों को कोविड 19 के लिए तैयार करने को कहा है. हमें अब तक मिली जानकारी के अनुसार, गुजरात, असम, झारखंड, राजस्थान, गोवा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और जम्मू और कश्मीर में राज्य स्तर पर काम शुरू हो गया है.

इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि अनुसंधान से संबंधित डीआरडीओ, भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड समेत भारत सरकार के अन्य मुख्य संगठनों से सलाह ली गयी है कि कैसे हमारे स्वदेशी निर्माताओं को बढ़ावा दिया जाए, ताकि देश को पर्याप्त वेंटिलेटर प्रदान किये जा सकें. इस बीच, खबर यह भी है कि सरकार ने सेनिटाइजर, ऑक्सीजन मास्क और वेंटिलेटर समेत तमाम चिकित्सकीय उपकरणों के निर्यात पर फिलहाल रोक लगा दी है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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