मिडिल ईस्ट जंग: भारत का प्लान B तैयार, पीएम मोदी बोले- 53 लाख MT+ पेट्रोलियम रिजर्व

Middle East War: ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट से निपटने के लिए भारत पूरी तरह तैयार है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में कहा- घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि देश के पास पर्याप्त पेट्रोलियम स्टॉक उपलब्ध हैं.

Middle East War: पीएम मोदी ने कहा- आज भारत के पास 53 लाख मीट्रिक टन से अधिक स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व हैं. जबकि 65 लाख मीट्रिक टन की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है. तेल कंपनियों के पास जो रिजर्व स्टॉक हैं, वो अलग है.

हर साल 4.5 करोड़ बैरल तेल कम आयात कर रहा भारत, पीएम मोदी ने बताई वजह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में बताया-इथेनॉल ब्लेंडिंग की वजह से, हम हर साल लगभग 4.5 करोड़ बैरल तेल के आयात की बचत कर रहे हैं. इसी तरह, रेलवे विद्युतीकरण से भी बहुत फायदे हो रहे हैं. अगर इतने बड़े पैमाने पर रेलवे विद्युतीकरण नहीं हुआ होता, तो हर साल 180 करोड़ लीटर अतिरिक्त डीजल की जरूरत पड़ती. हमने मेट्रो नेटवर्क का भी विस्तार किया है. 2014 में, मेट्रो नेटवर्क 250 किमी से भी कम था, जो अब बढ़कर 1100 किमी से ज़्यादा हो गया है.

41 देशों से कच्चे तेल, LNG और LPG आयात किया जा रहा : पीएम मोदी

लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- पिछले 11 वर्षों में भारत ने अपने ऊर्जा आयात में विविधता लाई है. पहले कच्चे तेल, LNG और LPG जैसी ऊर्जा जरूरतों के लिए 27 देशों से आयात किया जाता था, लेकिन आज भारत 41 देशों से ऊर्जा आयात करता है.

होर्मुज स्ट्रेट में फंसे जहाज भारत लौट रहे हैं

अपने समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हम अपने सभी वैश्विक साझेदारों के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं. इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हमारे कई जहाज हाल ही में भारत लौट आए हैं.

गल्फ और आसपास के शिपिंग रूट पर हमारी नजर : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- पिछले 11 वर्षों में, हमारी रिफाइनिंग क्षमता में काफी वृद्धि हुई है. सरकार विभिन्न देशों के आपूर्तिकर्ताओं के साथ लगातार संपर्क में है. हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि जहां से भी संभव हो, तेल और गैस की आपूर्ति जारी रहे. गल्फ और आसपास के शिपिंग रूट पर हमारी नजर है. हमारा प्रयास है, तेल हो या गैस हो फर्टिलाइजर हो ऐसे हर जरूरी सामान से जुड़े जहाज भारत तक सुरक्षित पहुंचे.

ऊर्जा संकट के बीच भारत ने अंतर-मंत्रालयी समूह गठित किया

भारत सरकार ने एक अंतर-मंत्रालयी समूह भी गठित किया है. यह समूह प्रतिदिन बैठक करता है, और इसमें हमारी सभी जानकारियों को पूरी तरह से शामिल किया जाता है. साथ ही, यह समूह आवश्यक समाधानों पर भी लगातार काम करता रहता है. मुझे विश्वास है कि सरकार और उद्योग जगत के संयुक्त प्रयासों से, हम मौजूदा स्थिति का बेहतर ढंग से सामना कर पाएंगे.

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By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

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