Middle East Crisis: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर जग लाडकी बुधवार को गुजरात के मुंद्रा पोर्ट सुरक्षित पहुंच गया. पोत परिवहन से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस टैंकर में 80,886 टन कच्चा तेल लदा हुआ है. फुजैराह बंदरगाह पर हमले के बावजूद टैंकर वहां से सुरक्षित रवाना हुआ और तय समय पर मुंद्रा पोर्ट पहुंचने में सफल रहा. जहाज पर सवार सभी 22 भारतीय नाविक भी पूरी तरह सुरक्षित हैं. इससे पहले सोमवार को टैंकर शिवालिक बंदरगाह पर पहुंचा था, जबकि उसके अगले दिन मंगलवार को नंदा देवी कांडला पोर्ट पहुंचा.
एक हफ्ते में चार जहाज पहुंचे भारत
ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में युद्ध छिड़ा हुआ है, जिसके कारण वहां भारतीय ध्वज वाले कुल 28 जहाज फंसे थे. इनमें से 24 जहाज जलडमरूमध्य के पश्चिमी किनारे पर और 4 जहाज पूर्वी किनारे पर फंसे थे. बीते एक सप्ताह में चार जहाह भारत पहुंचने में कामयाब रहे हैं. भारत पहुंचने वाले जहाजों में शिवालिक, नंदा देवी, जग प्रकाश और जग लाडकी शामिल हैं.
24 भारतीय जहाज अब भी फंसे हैं
फारस की खाड़ी में अब कुल 24 भारतीय ध्वज वाले जहाज फंसे हुए हैं. 22 स्ट्रेट ऑफ हार्मुज के पश्चिमी किनारे पर हैं, जिनमें 611 नाविक सवार हैं, जबकि दो पूर्वी किनारे पर हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी किनारे पर बचे 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज में से छह एलपीजी लाने वाले जहाज हैं. एक तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) टैंकर है, चार कच्चे तेल के टैंकर हैं, एक रासायनिक उत्पादों का परिवहन कर रहा है, तीन कंटेनर जहाज हैं और दो थोक वाहक हैं. इसके अलावा एक ड्रेजर है, एक खाली है. तीन जहाज नियमित रखरखाव के लिए बंदरगाह पर हैं.
स्ट्रैट ऑफ हार्मुज अमेरिका-इजराइल और ईरान की लड़ाई के कारण करीब 500 टैंकर जहाज फारस की खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं. इनमें 108 कच्चे तेल के टैंकर, 166 ऑयल प्रोडक्ट टैंकर, 104 केमिकल प्रोडक्ट ले जाने वाले टैंकर, 52 केमिकल टैंकर और 53 अन्य प्रकार के टैंकर शामिल हैं. सूत्रों के मुताबिक ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से केवल उन्हीं जहाजों को गुजरने की अनुमति दे रहा है, जिनके बारे में वह यह पुष्टि कर लेता है कि जहाज का स्वामित्व, उसमें लदा माल और उसका संचालन अमेरिका से जुड़ा नहीं है. (इनपुट भाषा)
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