Maharashtra Politics: बीएमसी के चुनाव में बीजेपी पहली बार सबसे बड़ी पार्टी बनी है. 227 सदस्यीय बीएमसी में बीजेपी ने 89 और शिंदे की शिवसेना ने 29 सीटों पर कब्जा जमाया. नतीजे के एक दिन गुजर जाने के बाद भी मुंबई में मेयर को लेकर स्थिति साफ नहीं हो पाई है. हालांकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मीडिया के साथ बातचीत में शनिवार को साफ कर दिया है कि महायुति से ही अगला मेयर होगा.
उद्धव ठाकरे ने मेयर को लेकर कर दिया ऐसा दावा
बीएमसी चुनाव में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनने के बाद भी शिवसेना (UBT) के चीफ उद्धव ठाकरे ने दावा किया है कि अगला मेयर उनकी पार्टी से ही होगा. उन्होंने मीडिया से कहा- अगर देवा (भगवान) की इच्छा हुई तो महापौर उनकी पार्टी का हो सकता है.
शिंदे को सताने लगा दल-बदल का डर?
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और शिवसेना अध्यक्ष एकनाथ शिंदे को दल-बदल का भय सताने लगा है. जिसके बाद पार्षदों को होटल में शिफ्ट करने का फैसला लिया गया. शिंदे को उद्धव ठाकरे की पार्टी से डर है. क्योंकि बीएमसी में उद्धव ठाकरे की पार्टी ने 65 सीटों पर जीत दर्ज की है. बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा 114 है. जबकि बीजेपी और शिवसेना के पास 118 पार्षद हैं. लेकिन उद्धव की पार्टी समेत विपक्ष के पास भी 106 पार्षद हैं. बहुमत से केवल 8 सीटें दूर. अब शिंदे को डर है कि उसके 8 पार्षद टूट सकते हैं. इसी भय के कारण सभी 29 पार्षदों को होटल में शिफ्ट किया गया है.
उद्धव ठाकरे के बयान पर क्या बोले सीएम देवेंद्र ?
उद्धव ठाकरे के बयान के बारे में पूछे जाने पर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मजाक में पूछा कि क्या देवा से उनके पूर्व सहयोगी का मतलब मुझसे है या ऊपर वाले भगवान से. मुझे भी देवा कहा जाता है, इसलिए मैं पूछ रहा हूं. मुख्यमंत्री ने कहा, ऊपर वाले भगवान ने तय किया है कि महापौर महायुति का होगा.
सांसद संजय राउत बोले- हम कभी भी कुर्सी से हटा सकते हैं शिंदे की पार्टी पार्षदों के टूट का भय शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत के बयान से भी होने लगा है. राउत ने कहा कि विपक्ष के पास पार्षदों की अच्छी खासी संख्या है. हम उन्हें कभी भी कुर्सी से हटा सकते हैं, लेकिन हम लोकतंत्र का सम्मान करते हैं.
बीएमसी ने विपक्ष को मिली सीटें
बीएमसी के चुनाव में शिवसेना (UBT) को 65
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) को 6
कांग्रेस को 24 सीट
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) को 8
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को 3
समाजवादी पार्टी को 2 और NCP (शरद पवार) को सिर्फ एक सीट
