मध्यप्रदेश में एक और कांग्रेस विधायक त्यागपत्र देने के बाद भाजपा में शामिल हुई

मध्यप्रदेश में विपक्षी दल कांग्रेस को शुक्रवार को एक और झटका तब लगा जब बुरहानपुर जिले की नेपानगर विधानसभा सीट से कांग्रेस की महिला विधायक सुमित्रा देवी कासडेकर ने विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया.

भोपाल : मध्यप्रदेश में विपक्षी दल कांग्रेस को शुक्रवार को एक और झटका तब लगा जब बुरहानपुर जिले की नेपानगर विधानसभा सीट से कांग्रेस की महिला विधायक सुमित्रा देवी कासडेकर ने विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया.

इसके बाद सुमित्रा देवी देर शाम को भाजपा में शामिल हो गयीं. विधानसभा के अस्थाई अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा ने कहा, ‘‘मैंने नेपानगर की विधायक सुमित्रा देवी कासडेकर का इस्तीफा मंजूर कर लिया है. मैंने उन्हें इस पर सोचने का समय देने का कहा था, लेकिन सुमित्रा देवी ने इसे स्वीकार करने के लिये जोर दिया.”

Also Read:
मध्यप्रदेश : दलित दंपति को पीटने के मामले में राजनीति शुरू, पढ़ें क्या हुआ

विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘महिला विधायक ने आज दोपहर विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा को अपना त्यागपत्र सौंप दिया.” विधायक का त्यागपत्र मंजूर होने के साथ ही नेपानगर विधानसभा सीट अब रिक्त हो गयी है. दोपहर को त्यागपत्र मंजूर होने के बाद सुमिता देवी ने देर शाम भाजपा के प्रदेश कार्यालय में पहुंचकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली.

इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा सहित भाजपा के वरिष्ठ मंत्री और अन्य नेता मौजूद थे. सुमित्रा देवी के त्यागपत्र के साथ ही, राज्य में कुल 230 सीटों में से 26 विधानसभा सीटें अब खाली हो गयी हैं, जिसके लिए जल्द ही उपचुनाव होंगे. सूत्रों ने बताया कि कुछ दिन पहले बड़ा मलाहरा सीट से कांग्रेस के विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधी ने विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र दिया था.

लोधी, भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती के संपर्क में थे. इस्तीफा देने के कुछ घंटों बाद ही प्रदेश सरकार ने उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा देते हुए मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया. इसके भी पहले मार्च माह में 22 कांगेस के विधायक बागी हो त्यागपत्र देने के बाद भाजपा में शामिल हो गये थे.

इनमें से अधिकांश सिंधिया समर्थक हैं. इसके परिणाम स्वरुप प्रदेश में 15 माह पुरानी कांग्रेस की कमलनाथ सरकार गिर गयी थी. इसके बाद 23 मार्च को शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेश में भाजपा सरकार बनी. लोधी और सुमित्रा देवी के त्यागपत्र के बाद मध्यप्रदेश विधानसभा में कांग्रेस की ताकत घटकर 90 रह गयी है.

इसके प्रकार कुल 24 विधायकों के कांग्रेस छोड़ने तथा दो विधायकों की निधन के कारण विधानसभा में वर्तमान में 26 सीटें रिक्त हो गयी हैं और विधानसभा की प्रभावी संख्या 204 हो गयी है. इसमें भाजपा के 107 विधायक हैं जबकि चार निर्दलीय, दो बसपा और एक सपा का विधायक हैं.

Posted By – Pankaj Kumar pathak

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Agency

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >