LPG supply crisis : मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच देश में गैस की कमी बनी हुई है और आम आदमी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. युद्ध के तीसरे सप्ताह में प्रवेश करने के साथ ही देश में एलपीजी की कमी शुक्रवार को लगातार तीसरे सप्ताह भी बनी रही. हालांकि सिलेंडर भरवाने को लेकर बुकिंग में कुछ कमी आई है जो स्थिति के धीरे-धीरे सामान्य होने के संकेत दे रही है.
गैस की सप्लाई अबतक नहीं हुई है सामान्य
पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण कच्चे माल की आपूर्ति में बाधा बनी हुई है जबकि देश में डिमांड उसी तरह से कायम है.अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों और उसके जवाबी कार्रवाई करने से शुरू हुए युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का आना–जाना लगभग बंद हो गया है. इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से ही भारत अपने आयात का 60 प्रतिशत प्राप्त करता है. इतनी बड़ी मात्रा में आपूर्ति अचानक बंद होने से सरकार ने घरेलू रसोई के लिए आपूर्ति को प्राथमिकता दी है. कमर्शियल गैस की आपूर्ति को पहले पूरी तरह रोक दिया गया था, लेकिन बाद में उनकी जरूरत का पांचवां हिस्सा बहाल किया गया है.
आम लोग घबराहट में करा रहे हैं बुकिंग
गैस संकट को देखते हुए आम आदमी घबराहट में सिलेंडर की बुकिंग करवा रहा है, उन्हें यह भय सता रहा है कि कुछ दिनों में गैस नहीं मिलेगा. इसी वजह से 13 मार्च को हालत यह थी बुकिंग 87.7 लाख तक पहुंच गई थी लेकिन उसके बाद इसमें कमी आई है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने 19 मार्च को संवाददाता सम्मेलन में बताया था कि उस दिन करीब 55 लाख बुकिंग हुई जो एक दिन पहले 57 लाख थी. युद्ध से पहले प्रतिदिन औसतन 50-55 लाख बुकिंग होती थी. अब बुकिंग कमी आई है जो स्थिति को सामान्य करेगी.
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